प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीजपुर के बाहर सड़क पर प्रसूति महिला ने बच्चे को दिया जन्म। संवाद
बीजपुर। संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए निर्देश और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की कड़ी हिदायत के बावजूद जिले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीजपुर पीएचसी में प्रसव के लिए पहुंची महिला घंटे भर सड़क पर तड़पती रही। अस्पताल पर ताला बंद था। महिला का पति डॉक्टर और एएनएम को फोन करता रहा लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इस बीच महिला ने पीएचसी के गेट पर ही बच्चे को जन्म दिया। इस मामले में सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने सीएचसी अधीक्षक को जांच का निर्देश दिया है।
बीजपुर पुनर्वास बस्ती निवासी सुजीत कुमार की पत्नी मंजू को बृहस्पतिवार को आधी रात में प्रसव पीड़ा हुई तो उसने आशा कार्यकर्ता से संपर्क किया। घर पहुंचने के बाद आशा ने तत्काल पीएचसी चलने को कहा और फोन से संबंधित एएनएम को जानकारी दी। रात 2.54 बजे परिवार के लोग गर्भवती को लेकर पीएचसी पहुंचे, लेकिन वहां ताला बंद था। सुजीत का आरोप है कि वह एएनएम और डॉक्टर को लगातार फोन करते रहे लेकिन कोई नहीं आया। दर्द से छटपटा रही महिला ने तड़के 3.42 बजे पीएचसी के गेट पर बच्चे को जन्म दिया। इसके लगभग 20 मिनट बाद एएनएम पहुंची। तब अस्पताल का ताला खोलकर महिला को भर्ती किया। आरोप है कि इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी परिवार वालों से मिठाई खाने के लिए पैसे मांगे गए।
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पीएचसी परिसर में आवासीय व्यवस्था नहीं है। इसलिए जिस एएनएम के क्षेत्र से प्रसव का मामला सामने आता है, उसे अस्पताल पहुंचकर प्रसव कराना पड़ता है। लापरवाही क्यूं और किस स्तर पर हुई, इसकी जानकारी की जाएगी। - डॉ. राणा रणधीर, प्रभारी, पीएचसी बीजपुर।
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मामला संज्ञान में आया है। सीएचसी म्योरपुर के अधीक्षक को जांच करने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।