बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को भाजपा पर बड़ा हमला किया। कहा यूपी में भाजपा का हाल बिहार से भी बुरा होगा। यूपी की जनता गोद लिए बेटे नरेंद्र मोदी को वापस गुजरात भेज देगी। गुरु, चेले और बबुआ के बुरे दिन आने वाले हैं। मुलायम सिंह ने अपने बेटे के लिए भाई को अपमानित किया, अब दोनों खेमे सपा को बर्बाद कर देंगे। चुनाव का नतीजा आते ही सपा आक्सीजन पर चली जाएगी। यूपी में बसपा अकेले दम पर बहुमत की सरकार बनाएगी। वे राबर्टसगंज के नवीन मंडी परिसर में चुनाव सभा को संबोधित कर रही थीं।
अपने अंदाज में उन्होंने भाजपा को भारतीय जुमला पार्टी बताया। पूछा कि केंद्र में आने के बाद भाजपा ने ढाई साल में किसानों का कितना कर्ज माफ किया। कहा कि चुनाव में किसी कारण से यदि भाजपा सत्ता में आई तो सरकार आरएसएस के एजेंडे पर चलेगी। आरक्षण समाप्त कर देगी। पिछड़े वर्ग का नुकसान होगा और रोहित वेमुला जैसे कांड होंगे। अल्पसंख्यक समाज के तीन तलाक मामले में दखल, चिंता की बात है। इस दौरान मायावती ने कानून व्यवस्था पर भी केेंद्र सरकार को घेरा। कहा, बीजेपी कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात करती है। पहले दिल्ली में कानून व्यवस्था सुधारे, जो केंद्र सरकार के ही हाथ में रहती है।
इसके बाद उन्होंने सपा को निशाने पर लिया। कहा, सपा सरकार गुंडों, माफिया की सरकार है। सरकार में आम लोगों का भला नहीं हुआ, अपराधियों ने सरकार चलाई। थानों में गरीबों के मुकदमे तक नहीं लिखे गए। इस बार बसपा की सरकार बनी तो अभियान चलाकर पीड़ित लोगों के मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे। जेल में बंद बेकसूर लोगों के मुकदमों की समीक्षा कराई जाएगी और उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। जेलों से रिहा कराया जाएगा।
बसपा मुखिया ने दावा किया कि बसपा की सरकार पूर्ण बहुमत से बनेगी। सरकार बनते ही व्यापारियों की समस्याओं के निदान के लिए आयोग गठित होगा। अलग पूर्वांचल राज्य के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। पुरानी योजनाएं फिर से चालू होंगी। नौजवानों के रोजगार के लिए विशेष पहल होगी। बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती होंगी। सरकारी स्कूलों में बच्चों को दूध, बिस्कुट, चना दिया जाएगा। किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ होंगे।
इस मौके पर राज्यसभा सांसद मुनकाद अली, पूर्व मंत्री सतीश चंद्र मिश्रा, कैलाश नाथ यादव सहित चारों विधानसभा के बसपा प्रत्याशी मौजूद रहे। मायावती के चुनावी जनसभा में सुनील यादव, बीना सिंह, वीरेंद्र प्रताप और विजय सिंह गोड़ मौजूद रहे।