नगर क्षेत्र के प्रीतनगर स्थित नर्वदेश्वर मंदिर परिसर में चल रहे सात दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन रविवार को भगवान श्रीराम जन्म का प्रसंग का भावनात्मक चित्रण किया गया। कथा व्यास दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने ने भगवान राम के जन्म की कथा सुनाए। पूरा कथा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा के दौरान महाराज ने कहा कि जब-जब धरती पर अनैतिकता, अधर्म, भ्रष्टाचार, चरित्रहीनता और अहंकार बढ़ता है, तब-तब प्रभु पृथ्वी पर अवतरित होकर भक्तों का कल्याण करते हैं।
उन्होंने बताया कि श्रीराम जगत के पालक और सृष्टि के नियम के एक महत्वपूर्ण तत्व हैं। जिन्होंने साकार रूप धारण कर अयोध्या में राजा दशरथ के घर जन्म लिया। रामकथा मनुष्य को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ जीवन में आदर्श गुणों का संचार भी करती है। बड़ी संख्या में लोग कथा श्रवण करने के लिए पहुंचें।