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Sonebhadra News: एंबुलेंस में ऑक्सीजन का सिलिंडर था खाली, घंटे भर करना पड़ा इंतजार

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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से बुधवार को एक मरीज की जान पर बन आई। एंबुलेंस के सिलिंडर में ऑक्सीजन ही नहीं थी। गनीमत रही कि एंबुलेंस चलने से पहले ही मामले का खुलासा हो गया।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के बड़गांव निवासी विशाल दुबे को सीने में तेज दर्ज और सांस लेने में दिक्कत थी। उसे लेकर परिजन मंगलवार को जिला अस्पताल पहुंचे थे। यहां स्थिति गंभीर देख बुधवार की दोपहर 12 बजे चिकित्सक ने बीएचयू के लिए रेफर कर दिया।
करीब 20 मिनट बाद एंबुलेंस नंबर यूपी 32 ईजी 4308 पहुंची। ऑक्सीजन लगाकर स्ट्रेचर के जरिए विशाल को एंबुलेंस में लिटा दिया गया। जब सिलिंडर से मास्क निकालकर एंबुलेंस में लगाया जाने लगा तो सिलेंडर से ऑक्सीजन की सप्लाई ही शुरू नहीं हो पा रही थी।
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परिजनों का आरोप रहा कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन ही नहीं है। स्वास्थ्य कर्मी खराबी की बात कर उसे 40 मिनट तक ठीक करने का प्रयास करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। तब तक मरीज एंबुलेंस में छटपटाता रहा। उसे अस्पताल के सिलिंडर से ऑक्सीजन दी गई।
घंटे भर बाद दूसरी एंबुलेंस आने के बाद मरीज को वाराणसी ले जाया गया। गनीमत रही कि प्रवेश द्वार पर ही मामले की जानकारी हो गई, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। परिजनों ने एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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सीएमओ की ओर से इसके लिए नोडल तैनात किया गया है, मगर उनकी ओर से न तो एंबुलेंस में संसाधनों की जांच की जाती है और न ही फिटनेस पर ध्यान दिया जाता है।
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