राख ढुलाई से बढ़ते प्रदूषण और बदहाल सड़क के विरोध में ग्रामीणों के आंदोलन के बाद बुधवार को हुई त्रिपक्षीय बैठक में सहमति बनी। एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से मांगों पर लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद तीन दिन से ठप राख ढोने वाले वाहनों का संचालन बहाल हो गया।
प्रबंधन ने स्कूल आने-जाने के समय भारी वाहनों का संचालन रोकने के साथ सड़क की सफाई, पानी के छिड़काव और गड्ढों की मरम्मत का आश्वासन दिया।
बैठक एनटीपीसी शक्तिनगर के विशिष्ट अतिथि गृह में हुई। अध्यक्षता एनटीपीसी शक्तिनगर (सिंगरौली) के अतिरिक्त महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सिद्धार्थ मंडल ने की। इसमें एनटीपीसी विंध्याचल के अधिकारी आशीष वर्मा, शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय, कोटा के प्रधान प्रमोद तिवारी समेत ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों की ओर से प्रधान ने अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा।
बैठक के बाद एनटीपीसी विंध्याचल के उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) तुफैल अहमद की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया। इसके अनुसार स्कूल समय में राख परिवहन करने वाले वाहनों का आवागमन नियंत्रित रहेगा। सुबह 6:30 से 8:30 बजे और दोपहर 12:30 से 2:30 बजे तक राख ढोने वाले वाहनों को रोका जाएगा। इससे स्कूली बच्चों को सुरक्षित आवागमन में सुविधा होगी।
आश्वासन में राख से होने वाले धूल प्रदूषण को कम करने के लिए मार्ग की नियमित सफाई और पानी का छिड़काव कराने की बात कही गई है। निर्धारित गति सीमा का पालन कराने के लिए ट्रांसपोर्टरों को निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही मार्ग के गड्ढों की भराई और सड़क की मरम्मत का काम तत्काल कराने का भरोसा दिया गया।
दरअसल, राख ढुलाई से होने वाले प्रदूषण से परेशान कोटा गांव की बेला देवी ने सोमवार को अकेले सड़क पर वाहनों को रोक दिया था। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने भी आंदोलन का समर्थन किया। विरोध के कारण तीन दिन तक राख परिवहन प्रभावित रहा। बुधवार को बैठक में सहमति बनने के बाद वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया।