जिले की तहसीलों में फरियादियों की शिकायतें महज खानापूर्ति तक सिमट कर रह गई है। तीनों तहसीलों में मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में 208 में से सिर्फ 18 शिकातयों को निपटारा हो सका।
वहीं राबर्ट्सगंज में डीएम की अध्यक्षता में 85 शिकायतों में से सिर्फ छह का मौके पर निपटारा हो सका। शेष 190 शिकायतकर्ताओं को टीम भेजने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया।
राबर्ट्सगंज तहसील सभागार में डीएम संजय कुमार और एसपी शिवशंकर यादव ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के भीतर जन समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित करने की बात कही।
सदर एसडीएम राजेंद्र तिवारी को तहसील दिवस के मामलों के निस्तारण की गुणवत्ता की जांच करने का निर्देश दिया। कहा कि गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ शासन स्तर से कार्रवाई के लिए पत्राचार करेंगे।
इस दौरान सीडीओ महेंद्र सिंह को विकास विभाग से जुड़ी शिकायतों पर विशेष ध्यान देने को कहा। पेयजल की समस्याओं से निजात के लिए नए हैंडपंपों की स्थापना,
रीबोर की व्यवस्था के साथ ही पर्याप्त धन के इंतेजाम भी कराने को कहा। इस दौरान डीएम ने 85 में छह मामले को मौके पर निस्तारण किया। शेष 79 मामलों को समयसीमा के भीतर निस्तारित करने का संबंधितों को निर्देश दिया।
दुद्धी प्रतिनिधि के मुताबिक एसडीएम गिरिजा शंकर सिंह की अध्यक्षता में तहसील दिवस में 51 मामले आए इनमें से सात का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष 44 मामलों को समय से निस्तारण करने की बात कही।
घोरावल प्रतिनिधि के मुताबिक एसडीएम हर्षदेव पांडेय की अध्यक्षता में 72 में से सिर्फ पांच का निस्तारण हो सका। शेष 67 मामलों को संबंधितों को समय से निस्तारण को कहा गया।