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उत्पीड़त वर्गों के प्रति संवेदनशील होने की जरूरत

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सदर विकास खंड के छपका गांव में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर बिरसा मुंडा फाउंडेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से जागरुकता गोष्ठी हुई। फाउंडेशन की निदेशक प्रतिमा शाक्य ने गरीब और उत्पीड़ित वर्गों के प्रति संवेदनशील होने पर जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि असमानताओं को कम करने और मानवाधिकारों को आगे बढ़ाने की जरूरत है। अधिवक्ता विकास शाक्य ने कहा कि भारत ही नहीं पूरे विश्व में संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से मानवाधिकार की घोषणा को लागू करने और अपनाने की जरूरत है। संस्थान की सचिव रोनिका शर्मा ने कहा कि आम लोगों को सम्मान देने के साथ जीने का अधिकार ही मानवाधिकार है। संस्थान के संरक्षक शांता भट्टाचार्य ने कहा कि एक इंसान के रूप में हर कोई हकदार है। इनमें जाति रंग लिंग, भाषा, देश और जन्म के आधार पर किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। एक इंसान होने के नाते मिलने वाले अधिकारों से वंचित नहीं रखा जा सकता है। कार्यक्रम में शबाना राईन, धनेश्वरी, पार्वती, लक्ष्मी, संगीता कुमारी आदि उपस्थित रहीं।
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