राबर्ट्सगंज जिला मुख्यालय स्थित ईदगाह पर शुक्रवार को संगे बुनियादी जलसा का आयोजन किया गया। वाराणसी से तशरीफ लाए मौलाना मुफ्ती प्यारे मियां साहब ने कौम के लोगों को उनके फर्ज से मुकम्मल कराया। साथ ही नेकदिली और बंदगी से रहने की सलाह दी।
तकरीर में मुफ्ती साहब ने उपस्थित लोगों से दरख्वास्त की कि ईदगाह ईबादतगाह है, ऐसे में इसका मुकम्मल होना जरूरी है। इस नेक काम में कौम के लोगों की बढ़चढ़कर हिस्सेदारी होनी चाहिए। कौम के लिए इससे बड़ा कोई नेक काम नहीं है। बोले जिस मालिक ने हमें पैदा किया है, उसकी बंदगी और इबादत हमारे लिए फर्ज है।
उन्होंने लोगों से दरख्वास्त किया कि वे ईदगाह के निर्माण में अपनी साफसुथरी रकम पेश करें। इसीक्रम में अहरौरा से तशरीफ लाए मौलाना अंसारूल हक ने कहा कि हम अल्लाह के बंदे हैं। यह कायनात अल्लाह की देन है, ऐसे में हमारा फर्ज बनता है कि हम अल्लाह की ईबादतगाह का जल्द से जल्द मुकम्मल करें।
ईदगाह के संगे बुनियाद की रस्म अदायगी मौलाना मोइनुद्दीन के हाथों हुई। इस दौरान लोगों से उम्म्ीद की गई कि उनके सहयोग से ईद की अगली नमाज नई ईदगाह में अदा की जाएगी। जिसकी सदारत मौलाना हिफाजत हुसैन ने की।
प्रोग्राम में मौलाना इबादत हुसैन, मौलाना सगीर, मौलाना खुर्शीद अहमद, अजहर, मौलाना तौफिक, हाफिज मौलाना सलाहुद्दीन, सदर मुस्ताक खां, फरीद अहमद खां आदि मौजूद रहे। प्रोग्राम अंजुमन इस्लामियां कमेटी के सदर जनाब मुश्ताक साहब की जेरह एहतेमाम से संपन्न हुआ। प्रोग्राम के समाप्ति पर देश की सलामती के लिए दुआ की गई।