आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों ने रविवार को सांसद छोटेलाल खरवार के कार्यालय का घेराव किया और नारेबाजी की। यूपी सरकार पर दलितों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। कहा कि यूपी सरकार पदोन्नति पाए दलितों की पदावनति कर रही है। साथ ही सांसद कार्यालय में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष मुंशीराम और चिकित्साधिकारी डा. के. कुमार की अगुवाई में विभिन्न विभागों में तैनात अधिकारी और कर्मचारी रविवार को आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले राबर्ट्सगंज के ब्रह्मनगर स्थित सांसद कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों-कर्मचारियों ने आरक्षण की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदेश सरकार विरोधी नारे लगा रहे लोगों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन चलाने का निर्णय लिया।
इसके पूर्व आर्यनगर में डा. अंबेडकर स्थल पर हुई बैठक में प्रमोशन पाए हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दलित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदावनत कर किए जा रहे उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर की। निर्णय लिया गया कि इसके खिलाफ छह से 13 अगस्त तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
मुंशीराम ने कहा कि दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में जिले से भारी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी जाएंगे। आरसी सरोज ने कहा कि दलित वर्ग उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा को पूरी तरह से समझ गए हैं। इसलिए दलितों के उपर किए जा रहे प्रत्येक उत्पीड़नात्मक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए कटिबद्ध हो चुके हैं।
अब हम लखनऊ नहीं दिल्ली में अपनी बातों को बुलंदियों के साथ रखेंगे। डा. के. कुमार और डा. संतोष कुमार ने कहा कि दलित अधिकारियों और कर्मचारियों को पदावनत किया जाना सीधे मान-सम्मान पर कुठाराघात किया जा रहा है। अब अनुनय, अनुरोध, विनय से काम चलने वाला नहीं है। अब आरपार की लड़ाई होगी। प्रदर्शन करने वालों में सुखदेव प्रसाद, संतोष कुमार, आरपी टंडन, राजनाथ, सत्यप्रकाश, बलवंत कुमार, लालता प्रसाद, गोपाल जी निराला, सुनील राय, राजेश, श्याम सुंदर, गोपाल नारायण, बलवंत, महंगूराम, संजय कुमार मौजूद रहे।