दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो रहा है। शनिवार को एक बार फिर दुद्धी जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर से जुलूस निकाला और विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान वे न्यायिक कार्य से विरत रहे। तहसील परिसर में सभा की गई, जिसमें नौ अगस्त से रेणुकूट में मांग के समर्थन में 32 घंटे की भूख हड़ताल और गांवों में जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
जुलूस कचहरी परिसर से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरा। इस दौरान अधिवक्ताओं के साथ ही क्षेत्रीय लोग भी जुलूस में शामिल हुए और दुद्धी को जिला बनाने की मांग संबंधी नारेबाजी की। इसके बाद जुलूस तहसील परिसर में पहुंचकर सभा के रूप में तब्दील हो गया।
इस दौरान हुई सभा में दिनेश अग्रहरि और प्रभु सिंह एडवोकेट ने कहा कि दुद्धी को जिला बनने के बाद ही क्षेत्र का विकास होगा। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सुप्रीमों ने दुद्धी को जिला बनाने का वादा किया था लेकिन वे अब तक उस वादे को पूरा नहीं कर सके।
कहा कि इसे क्या समझा जाए कि उनकी कथनी और करनी में अंतर है। दुद्धी यूपी का सबसे पुराना तहसील है और सर्वाधिक राजस्व देता है और जिला बनने का मानक पूरा करता है लेकिन फिर भी न जाने क्यों इसकी उपेक्षा की जा रही है। सभा के अंत में जिला बनाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस मांग को लेकर नौ अगस्त को रेणुकूट में 32 घंटे के भूख हड़ताल कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
इसमें सभी को शामिल होने की अपील की गई है। इस मौके पर दुद्धी बार अध्यक्ष रामपाल जौहरी, प्रेम चंद यादव, सत्यनारायण सिंह, रामलोचन तिवारी, जवाहर लाल अग्रहरि, रामअजोर भारती, दिनेश अग्रहरि, कुलभूषण पांडेय, जितेंद्र श्रीवास्तव, अरूणोदय जौहरी, मनोज मिश्रा, दिलीप पांडेय, कृपाशंकर, आशीष मौजूद रहे।