फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: इसी केस में दो घंटे कठघरे में खड़ा रह चुका है विधायक

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। दुष्कर्म के आरोपी विधायक का बयान दर्ज करने के लिए कोर्ट ने इससे पहले इसी वर्ष जनवरी में 10, 17 और 19 की तारीख दिया था। मगर, हर बार विधायक अनुपस्थित रहे। इससे नाराज तत्कालीन अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राहुल मिश्र ने वारंट जारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। 23 जनवरी को सुनवाई के दौरान आरोपी विधायक कोर्ट में पेश हुए। कड़ी नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने विधायक को दो घंटे तक कठघरे में ही खड़ा रखा था। बाद में वारंट निरस्त करते हुए मामले में उनका बयान दर्ज करते हुए साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए दो दिन का मौका दिया था।
विज्ञापन

हाईकोर्ट में दाखिल किया था प्रार्थना पत्र
तत्कालीन एडीजे प्रथम खलीकुज्जमा की अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद इसी वर्ष 12 अक्तूबर को ही फैसला सुनाना था। ऐन वक्त पर विधायक की ओर से जिजा जज के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर न्याय न मिलने की आशंका जताते हुए कोर्ट बदलने की अपील की गई थी। प्रार्थना पत्र लंबित होने के कारण कोर्ट ने फैसले को 17 अक्तूबर तक के लिए टाल दिया था।
जिला जज ने विधायक की अपील को इस तर्क के साथ खारिज कर दिया था कि जिले में एमपी-एमएलए से जुड़े मामलों की सुनवाई का अधिकार सिर्फ एक ही काेर्ट को मिला है। फिर 17 अक्तूबर को फैसले तिथि पर फैसला नहीं हो सका। कारण रहा जिला जज की ओर से अपील खारिज होने के बाद विधायक ने हाईकोर्ट में सोनभद्र के प्रशासनिक जज के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। जिसमें सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी। इस पर प्रशासनिक जज ने जिला जज से चार सप्ताह के भीतर आख्या मांगा था। हालांकि हाईकोर्ट से विधायक को खास राहत नहीं मिली। कोर्ट में बहस नवंबर में ही पूरी कर ली गई थी, मगर बाद में पीठासीन अधिकारी के तबादले के चलते फैसला नहीं आ सका था। नए पीठासीन अधिकारी एहसानुल्लाह खां के पदभार ग्रहण करने के बाद विभिन्न तिथियों के बाद बहस पूरी हुई। इसके बाद फैसला सुनाने के लिए 12 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई।
विज्ञापन

विधानसभा सदस्यता पर खतरा
दुद्धी विधायक रामदुलार गोंड किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराने के बाद अब उनकी सदस्यता पर खतरा मंडराने लगा है। नियमों के अनुसार दो वर्ष से अधिक की सजा होने पर सदस्यता जाने का नियम है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विकास शाक्य ने बताया कि 15 दिसंबर को विधायक को सजा होगी। दुष्कर्म में आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। अदालत से कड़ी सजा की मांग करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें