जिले की सीमा से सटे बिहार के चिउटिया जंगल में शुक्रवार की रात हथियारबंद नक्सलियों ने मीटिंग कर यूपी पुलिस ने नींद उड़ा दी है। नक्सलियों को पकड़ने के लिए जंगलों में पुलिस ने सघन कांबिंग शुरू कर दी है। जिले की पुलिस सीमावर्ती बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के थानों की फोर्स के संपर्क में जुटी है। बार्डर को सीआरपीएफ और पीएसी के हवाले कर दिया गया है।
सूबे के एक छोर पर बसे नक्सल प्रभावित सोनभद्र में 1997 से वर्ष 2012 तक नक्सलियों की सक्रियता रही है। वर्तमान में यूपी से नक्सलियों का नामोनिशान समाप्त हो गया है। हालांकि यूपी में घट रही साख को पूरा करने के लिए फिर बिहार के नक्सली सोनभद्र जिले में प्रवेश करने की फिराक मेें पड़े है। खुफिया सूत्रों की मानें तो शुक्रवार की रात करीब आठ बजे सासाराम जिले के चिउटिया जंगल में दुर्दांत नक्सली अजय और दिलीप बैठा की अगुवाई हथियार बंद करीब 15 से 20 नक्सलियों ने बैठक की। इसमें दो-तीन महिलाएं भी शामिल थीं।
मीटिंग में जंगली इलाकों के रहने वाले कुछ ग्रामीण भी शामिल रहे। यहां से नक्सली कैमूर जिले के अधौरा पहाड़ी की ओर रवाना हो गए। शनिवार को नक्सलियों के बारे में सूचना मिलने के बाद अलर्ट हो गई। एसपी लल्लन सिंह ने कहा कि बिहार में नक्सलियों की सक्रियता को देखते हुए बार्डर पर सीआरपीएफ और पीएस को तैनात कर दी गई है, ताकि जिले में नक्सली प्रवेश न कर सकें।