कोन बाजार में संचालित एक माइक्रो क्रेडिट फर्म का स्थानीय प्रबंधक निवेशकों के 50 लाख रुपये लेकर भाग गया। इससे निवेशकों में हड़कंप मचा है। इसके बाद से फर्म के एजेंटों ने भी अपना मोबाइल बंद कर दिया। गुरुवार को जमाकर्ताओं ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने फर्म के कंप्यूटर ऑपरेटर को पूछताछ के लिए थाने ले गई।
जानकारी के अनुसार कोन बाजार में एक माइक्रो क्रेडिट फर्म लगभग एक वर्ष से संचालित हो रहा है। इसमें आसपास के ग्रामीणों ने अधिक ब्याज दर की लालच में दैनिक, महीने और फिक्स डिपॉजिट का खाता खोलवा लिया। माना जा रहा है कि 500 से अधिक लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई फर्म में निवेश की थी। ग्राहकों का करीब 50 लाख रुपये फर्म में जमा हुए। जब कुछ निवेशकों ने मियाद पूरी होने पर धन वापस करने के लिए शाखा के प्रबंधक को भुगतान का प्रार्थना पत्र दिया तो उन्हें नोटबंदी का हवाला देकर टाला जाता रहा। फर्म में एक स्थानीय युवक ही शाखा प्रबंधक का पद संभाल रहा था। बुधवार को जब ग्रामीणों को पता चला कि फर्म का शाखा प्रबंधक फरार हो गया है तो वे गुरुवार को शाखा पर पहुंच गए। जहां कंप्यूटर आपरेटर से पूछताछ करने पर उसने किसी तरह की जानकारी देने से इंकार कर दिया। इसकी जानकारी कोन थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शाखा पर तालाबंदी करा कंप्यूटर आपरेटर को कागजात समेत थाने ले गई। पुलिस ने बताया कि फर्म की मुख्य शाखा मध्यप्रदेश में है। इस बाबत एसपी लल्लन सिंह ने बताया कि उन्हें अभी मामले की जानकारी नहीं है। थाना प्रभारी से बात कर जानकारी लेंगे। उचित कार्रवाई की जाएगी।