बाराबंकी जिले में स्थित व्हाइट हाउस जिसे हेरोइन तस्करी के किंगपिन अफजाल का बताया जा रहा। - पुलि
यूपी के कई जिलों में तस्करों को हेरोइन उपलब्ध कराने वाले किंगपिन अफजाल ने बाराबंकी जिले में स्थित अपने गांव में अच्छा-खासा किंगपिन ने बाराबंकी में बना रखा है व्हाइट हाउस हाउस बना रखा है। बताते हैं कि उसकी लग्जरी लाइफ और करोड़ों की लागत से तैयार किए गए उसके मकान के बारे में जहां लोगों के बीच खासी चर्चा बनी रहती है। वहींं पुलिस के बढ़ते शिकंजे के चलते उसके यहां तस्करों का पहुंचना कम हुआ तो वह खुद नमूना लेकर सोनभद्र पहुंच गया और यहीं उसकी गिरफ्तारी का कारण बन गया। पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़े हेरोइन तस्करी के सरगना ने मणिपुर से यूपी तक फैले हेरोइन सिंडीकेट के बारे में पुलिस को कई अहम जानकारियां तो दी ही। दो और बड़े तस्करों के नाम सामने आए हैं, जिनके बारे में पुलिस टीमें जरूरी मालूमात हासिल करने में जुटी हुई हैं।
पुलिस के मुताबिक पिछले दिनों डाला में एक किलो से अधिक हेरोइन की बरामदगी के साथ ही तस्करी एक बड़ा सिंडीकेट सामने आया था। पता चला कि स्थानीय स्तर पर कम समय में तस्करों ने अच्छी-खासी संपत्ति तो बनी ही, बाराबंकी के रहने वाला व्यक्ति जिसे धंधे का सुल्तान कहा जाता है, उसने सिर्फ लखनऊ ही नहीं पूरे प्रदेश में तस्करी का कारोबार जमा रखा है। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि सोनभद्र से जुड़े हेरोइन तस्करी रैकेट का किंग जैदपुर (बाराबंकी) थाना क्षेत्र के टिकरा उस्मान का रहने वाला अफजाल है। पुलिस उसके गांव पहुंची तो पता चला कि उसने बाराबंकी शहर और लखनऊ में कई संपत्ति तो खड़ी की ही, गांव में भी करोड़ों की लागत से किंगपिन ने बाराबंकी में बना रखा है व्हाइट हाउस हाउस बना रखा है। इसके चर्चे पूरे बाराबंकी में हैं। जब पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटानी शुरू की तो पता चला कि वह बाराबंकी में मौजूद है। वहां टीम भेजी गई तो मालूम हुआ कि वह सोनभद्र के लिए निकल गया है। मिर्जापुर में ट्रेन से उतरकर वह डाला पहुंचा जहां उसे दबोच लिया गया।
सोनभद्र के कई लोगों से पाए गए अफजाल के संबंध :
बताते हैं कि छह से अधिक व्यक्ति उससे हर माह हेरोइन की खेप ले रहे थे। जब कई दिनों तक उनसे संपर्क नहीं हुआ तो उसे लगा कि उनका जुड़ा किसी दूसरे आपूर्तिकर्ता से हो गया है। विश्वास जमाने के लिए वह नमूना लेकर पहुंचा था जहां उसे दबोच लिया गया। पुलिस के मुताबिक कई साल से वह इस धंधे में था लेकिन कभी पकड़ा नहीं गया था। नकदी या भुगतान भी वह खुद की बजाय अपने विश्वस्तों के यहां मंगवाता था। पता चला है कि मणिपुर से मंगवाने वाले कच्चे माल की जब उसके पास कमी हो जाती थी, तब वह स्थानीय स्तर पर ही दो लोगों से हासिल कर लेता है। बताया जा रहा है कि पुलिस उनके बारे में भी जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
17 अगस्त काे चोपन थाने में हेरोइन तस्करी का मामला दर्ज किया गया था। उसके बाद अलग-अलग जगहों पर तस्करी करने वाले 12 तस्कर गिरफ्तार किए गए। बाराबंकी का रहने वाले इस धंधे के किंगपिन अफजाल के रूप में 13वीं गिरफ्तारी है। उसके खाते से करोड़ों का लेन-देन तो पकड़ा ही गया है, सोनभद्र सहित कई जनपदों में उससे जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए हैं। और भी कई महतवपूर्ण सुराग व साक्ष्य मिले हैं। आरोपी की जितनी भी बेनामी संपत्ति होगी उसे सीज किया जाएगा। उसके रिश्तेदार, परिवार सहित अन्य जो भी उसके साथ इस धंधे में शामिल होंगे उनके खिलाफ एनडीपीएस-गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की जाएगी। - अभिषेक वर्मा, एसपी।