जिले में हुए करीब तीन सौ करोड़ रुपये के मनरेगा घोटाले की जांच के लिए सीबीआई की टीम गुरुवार को फिर जनपद में आई। सीबीआई की एक टीम घोरावल में पूर्व ब्लाक प्रमुख के घर गई, पर वहां कोई मिला नहीं।
टीम को बताया गया कि ये लोग मिर्जापुर में रहते हैं। फिर टीम बर्खास्त सेक्रेटरी राजेश दूबे के आवास पर गई। वहां मिले किरायेदार से पता चला कि ये लोग वाराणसी में रहते हैं।
सीबीआई ने किस तरह के कागजात को कब्जे में लिया, इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
म्योरपुर और चतरा का भी मांगा रिकार्ड
मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई टीम ने विकास से जुडे़ अधिकारियों से म्योरपुर और चतरा के मनरेगा से जुड़े रिकार्ड मांगे है। अभी तक सीबीआई के अफसरों ने राबर्ट्सगंज और घोरावल से जुड़ी पत्रावलियों की जांच की है।
हालांकि सीडीओ महेंद्र सिंह का कहना है कि फिलहाल म्योरपुर और चतरा की पत्रावलियों के लिए सीबीआई अधिकारियों का कोई पत्र उन्हें नहीं मिला है।