केंद्र सरकार के आम बजट ने किसानों को राहत दी है। उनके लिए सिंचाई से लेकर अन्य क्षेत्र में की गई घोषणाएं लाभदायक साबित होंगी। जबकि आम लोगों में इस बजट को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि मोदी सरकार ने सपने दिखाएं हैं, लेकिन महंगाई को रोकने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किया है।
व्यापारी शेख मुन्नी भाई का कहना है कि आम बजट में छोटे व्यापारियों के हितों का ख्याल नहीं रखा गया है। टैक्स आदि को लेकर कोई ऐसी छूट नहीं दी गई है जिससे व्यापारियों का भला हो सके। विजय प्रकाश पांडेय कहते हैं कि मोदी सरकार ने भविष्य की बेहतरी का जो खाका आम बजट में खींचा है यदि उस पर सही ढंग से काम हुआ तो आने वाला दिन सुनहरा होगा।
कर्मचारी मिथिलेश कुमार और सच्चिदानंद तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को आयकर छूट देकर उन्हें लाभ दिया है। ईपीएफ को लेकर की गई घोषणा भी सराहनीय है। लेकिन महंगाई पर अंकुश को लेकर सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। किसान रामश्रृंगार मिश्र और प्रमोद श्रीवास्तव ने कृषि की बेहतरी के लिए की गई घोषणाओं का स्वागत किया है।
कहा कि वित्त मंत्री ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों में विशेष योजना चलाने का जो एलान किया है वह सराहनीय है। उधर, अखिल भारतीय उच्च तकनीकी शिक्षा एवं विकास समिति के अध्यक्ष एसके गौतम ने केंद्रीय आम बजट की सराहना की है। कहा कि उसमें उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही कौशल विकास पर भी जोर दिया गया है।
भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए जरूरी कृषि क्षेत्र पर विशेष तौर पर फोकस किया गया है। इससे जहां लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वहीं कंप्यूटर, लैपटॉप सस्ते होने से तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।