डेढ़ माह से अधिक समय तक अनुरक्षण (ओवरहालिंग) पर रही अनपरा की 210 मेगावाट वाली पहली इकाई शनिवार दोपहर उत्पादन पर ले ली गई। फिलहाल इसे सौ मेगावाट पर चलाया जा रहा है। देर रात इसे पूरी क्षमता से उत्पादन पर ले लिया जाएगा।
इस इकाई के उत्पादन पर आने के बाद अनपरा परियोजना का उत्पादन 15 सौ मेगावाट के करीब पहुंच गया है। उधर, अनपरा डी में भी लगभग सात सौ मेगावाट के करीब बिजली उत्पादन जारी है। वहीं राज्य की अन्य परियोजनाओं का भी उत्पादन बेहतर बना हुआ है।
1630 मेगावाट वाली अनपरा (अनपरा ए, बी शामिल) परियोजना की 210 मेगावाट वाली पहली इकाई को डेढ़ माह पूर्व अनुरक्षण कार्य के लिए उत्पादन से अलग कर दिया गया था। तभी से यह इकाई अनुरक्षण पर चल रही थी। कार्य पूर्ण होने के बाद चार-पांच दिन पूर्व टेस्ट लाइटअप कर सिलिका (भाप) जमाव आदि की स्थिति जांची गई।
सब कुछ ठीक मिलने के बाद शुक्रवार अर्धरात्रि से इकाई को उत्पादन पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। शनिवार की दोपहर करीब बारह बजे सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी, जीएम इं. एके सिंह आदि की मौजूदगी में अभियंताओं की टीम ने इकाई को उत्पादन पर ले लिया। सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि फिलहाल सौ मेगावाट उत्पादन लिया जा रहा है। देर रात तक पूर्ण क्षमता से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
उधर,अनपरा डी का उत्पादन बढ़कर सात सौ मेगावाट पहुंच गया है। समाचार दिए जाने तक अनपरा में 1475, अनपरा डी में 700, ओबरा में 652, पनकी में 140, पारीक्षा में 1111, हरदुआगंज में 617, कुल 4690 मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी।