राज्य पोषण मिशन कार्यक्रम के तहत जिला पोषण समिति की बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें चोपन और चतरा के बाल विकास परियोजना अधिकारियों को काम में लापरवाही बरतने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। इस दौरान डीएम ने तहसील दिवस के दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पोषण क्लिनिक दिवस मनाने का निर्देश दिया।
डीएम सीबी सिंह ने कहा कि अधिकारी गोद लिए गए गांवों के चिह्नित बच्चों के साथ ही गर्भवती महिलाओं और किशोरियों का पूरा ख्याल रखें। जिला अस्पताल के सीएमएस को कहा वे एनआरसी सेंटर की क्षमता के अनुसार सभी 10 बेडों को भरे रखने के साथ ही जो अति कुपोषित बच्चों की विशेष देखभाल कराएं। उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने के बाद ही डिस्चार्ज करें।
डीएम ने सीएमओ, डीपीओ, सीएमएस के साथ ही बाल विकास परियोजना अधिकारियों को हिदायत दी कि वे तहसील दिवसों के दिन तहसील स्तर पर स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पोषण क्लीनिक दिवस का आयोजन कराएं, जिसमें कम से कम सौ बच्चों का लक्ष्य लेकर 108 एंबुलेंस से सीएचसी पर अति कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य जांच और गंभीर श्रेणी के कुपोषित बच्चों को एनआरसी सेंटर में भर्ती कराएं।
अन्य दिवसों में पीएचसी, सीएचसी पर रोस्टर बनाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। जरूरत के अनुसार खानपान एवं इलाज की भी व्यवस्था का ध्यान दें। डीएम ने कुपोषित बच्चों के चिह्नांकन में लापरवाही बरते पर चोपन और चतरा के बाल विकास परियोजना अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी किया।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के परीक्षण के लिए ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता समिति से कुर्सी, मेज, पर्दा की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ महेंद्र सिंह, डीपीओ अजीत कुमार सिंह, बीएसए मनभरन राम राजभर, डीएसओ एपी सिंह, डीपीआरओ एमपी द्विवेदी मौजूद रहे।