उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र इलाहाबाद की ओर से शुक्रवार की रात स्थानीय रामलीला मैदान पर सांस्कृतिक संध्या का अायोजन किया गया।
इसमें जनजाति वर्ग के लोगों ने एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति कर आदिवासी परंपरा और संस्कृति को जीवंत किया।
इस दौरान कलाकारों ने कर्मा लोक नृत्य कर पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का शुभारंभ चोपन थानाध्यक्ष रविंद्र भूषण मौर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति का जिंदा रहना देश और समाज के लिए जरूरी है। यह एक जरूरी और जिम्मेदारी का काम है, जिसे उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के अधिकारी कुशलता से करा रहे हैं।
संचालन कर रहे संजय पुरुषार्थी ने एक-एक कर कलाकारों को मंच पर आमंत्रित किया। जनजातीय पर्व की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में आदिवासी समुदाय के 15 कलाकारों ने दल नायक रामआधार के निर्देशन में कर्मा
लोक नृत्य पेश किया। केवाल के अनुसूचित जनजाति के कलाकारों ने दलनायक वीगनराम के नेतृत्व में झालपेटी चमरनटुआ लोकनृत्य प्रस्तुत किया।
जोरूखाड़ की दलनायिका इंद्रावती के निर्देशन में ग्रुप ने छोटानागपुरी गायन और छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य प्रस्तुत किया। इसी तरह से झूमर लोकनृत्य, डोमकच और उड़या लोकनृत्य ने भी खूब वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम के प्रभारी योगेश मिश्र ने सभी के प्रति आभार जताया। इस मौके पर कृष्ण मोहन द्विवेदी, पुन: प्रकाश श्रीवास्तव, अमरजीत सिंह, अवधेश अवस्थी, अमित विश्वकर्मा, संजय जैन, सियाराम तिवारी आदि रहे।