वैश्य समाज एसोसिएशन ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित करने की मांग की है। गांधी जी पर विवादित बयान देने पर मारकंडेय काटजू का राबर्ट्सगंज के मेन चौक पर पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शित किया।
कहा काटजू का विवादित बयान शहीदों का अपमान है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसोसिएशन के कार्यकर्ता शनिवार की दोपहर राबर्ट्सगंज के मेन चौक पर पहुंचे।
यहां कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मारकंडेय काटजू और महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्हें देशद्रोही घोषित करने की मांग की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार सोनी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस देश के सच्चे सपूत थे। काटजू ने दोनों महापुरूषों के खिलाफ विवादित बयान देकर देश के शहीदों का अपमान किया है।
उन्होेंने महापुरूषों और शहीदों के खिलाफ अनाप शनाप बयान देने पर काटजू के खिलाफ कार्रवाई की मांग केंद्र सरकार से की।
जिला प्रभारी आनंद जायसवाल ने कहा कि महात्मा गांधी के पुण्यतिथि प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया जाए।
उन्होंने कहा कि शहीदों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वालों को देश की जनता कत्तई नहीं बख्शेगी। पुतला फूंकने वालों में अमरनाथ सोनी, मुनिराज शाह, जगदंबा उमर, विंध्याचल सोनी, सुरेश अग्रहरि, विद्याशंकर गुप्ता, गप्पू जायसवाल, जगदीश सोनी, नितिन अग्रहरि शामिल रहे।