जिले से लगे छत्तीसगढ़ राज्य के तारकेश्वरपुर गांव में गुरुवार की रात एक
बार फिर से हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाया। इस दौरान हाथियों ने दो-तीन
घरों को ढहा दिया।
हाथियों के हंगामा करने पर गांव के लोगों की नींद खुल
गई। दहशत में आए ग्राणियों ने ढोल, नगाड़ा बजाते हुए आग जलाकर हाथियों को
भगाया। उधर बभनी ब्लॉक के रनदह गांव में इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय
है।
बता दें कि 21 दिसंबर की रात में छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित बभनी
ब्लॉक के रनदह गांव में हाथियों के झुंड ने आठ घरों को ढहा दिया था। इसके
अलावा खूंटे में बंधे पांच मवेशियों को मार डाला और जाते समय खलिहान में
रखी फसल को तहस-नहस कर दिया था।
विभाग
की टीम रनदह गांव में डेरा डाल दिया। मंगलवार की रात्रि में हाथियों के
झुंड को सर्च लाइट की रोशनी से लोगों ने भगा दिया।इसका नतीजा रहा कि
रनदह गांव से महज 200 मीटर दूर स्थित चुनापाथर गांव में हाथियों ने आधा
दर्जन घरों को ढहा दिया। इसके बाद छत्तीसगढ़ सीमा से सटे गांवों में दहशत
है।
गुरुवार की रात में हाथियों ने तारकेश्वरपुर गांव में रामविलास गुप्ता
का घर ढहा दिया। गनीमत यहीं रही कि लोग जग गए और हाथियों को ढोल, नगाड़ा
बजाते हुए आग जलाकर भगा दिया।
इस दौरान भागते समय भी हाथियों ने दो घरों को
ढहा दिया। इस वाकये के बाद बभनी क्षेत्र के सीमावर्ती गांव रनदह में अभी
भी दहशत है।