रेणुकूट। पिपरी थाना क्षेत्र के मुरलीगढ़ी में गत 25 अप्रैल को हुई बुजुर्ग की हत्या के मामले का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा किया। वृद्ध पिता की हत्या उसके बड़े बेटे ने ही की थी। वह पिता के संपत्ति बेचने से आहत था। वह रात में ही पिता के आवास पर पहुंचा था और हत्या के बाद भाग गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मूल रूप से भदोही के खम्हरिया निवासी लालचंद यादव (75) हिंडाल्को के रेणुसागर प्लांट से सेवानिवृत्त हुए थे। पत्नी की मृत्यु के बाद करीब तीन साल पहले अपनी पैतृक संपत्ति बेचकर पिपरी में ही मकान बनाकर अकेले रह रहे थे। गत 25 अप्रैल को उनका शव कमरे में मिला था। शरीर पर चोट के निशान थे। मौके पर पहुंचे पुत्र गुलाब यादव की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। शुक्रवार को पिपरी थाने में सीओ अमित कुमार ने बताया कि वृद्ध लालचंद यादव की बेटों से अनबन थी। पैतृक संपत्ति बेचे जाने से वे नाखुश थे। घटना से पहले 24 अप्रैल की रात बड़ा बेटा सुभाष यादव पिता के आवास पर पहुंचा था। वहां संपत्ति को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हुआ था। इसके बाद सुभाष ने लाठी-डंडे से पीटकर पिता की हत्या कर दी और शव को छोड़कर भाग गया। छानबीन के दौरान पुलिस को मोबाइल सर्विलांस व घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण से महत्वपूर्ण सुराग मिला था। इसी आधार पर जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास से सुभाष को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।