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धनराशि व्यय करने में नहीं हुई है गड़बड़ी

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लॉकडाउन के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से बच्चों के भोजन आदि के मद में जिले से 26 लाख रुपये निकाले जाने के मामले में निदेशक बेसिक शिक्षा विभाग ने बीएसए से जवाब तलब किया है। उनका पत्र आते ही जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक इसका जवाब बनाने में जुट गए हैं।
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प्रदेश के 18 जनपदों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्राओं के आए बगैर ही धनराशि निकाले जाने का मामला प्रकाश में आया है। इन 18 जनपदों में सोनभद्र भी शामिल है। मामला जब शासन में पहुंचा तो वहां से कई बिंदुओं पर बीएसए, लेखाधिकारी से जवाब मांगा गया है। सूत्रों की मानें तो फरवरी और मार्च में छात्राओं के नाम पर भोजन, स्टेशनरी, साबुन, तेल अन्य जरूरी सामान के लिए आए धन को निकाला गया है। हालांकि जिले शिक्षा विभाग अपनी ओर से किसी तरह की गड़बड़ी से इन्कार किया है। बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल का कहना है कि जिस मामले में जवाब मांगा गया है, उस वक्त विद्यालय के हॉस्टल में छात्राएं उपस्थित थीं। इसकी ऑफलाइन रिपोर्ट शासन व निदेशालय में भेजी गई थी। जो धनराशि व्यय की गई है उसका प्रशासन की अनुमति से टेंडर आदि हुआ था। इसमें कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है। सिर्फ प्रेरणा पोर्टल पर उपस्थिति आदि दर्ज नहीं हो सकी थी।
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