यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन से जुड़े लिपिकों ने छह सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को कार्य बहिष्कार किया और मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। चेताया कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर बडे़ स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को सीएमओ कार्यालय पर पहुंचे विभागीय कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इस दौरान धरना देकर सभा की। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरजू राम ने कहा कि लिपिकों का प्रोन्नति आदेश वर्षों से लंबित पड़ा है। कई बार इसकी मांग की गई लेकिन सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इससे पदोन्नति का मामला अब तक अधर में लटका पड़ा है। उन्होंने समायोजन स्थानांतरण नीति के तहत तबादला निर्धारित सत्र में ही कराया जाए। परिधिगत कार्यालयों में कार्यरत अधिसंख्य लिपिकों का समायोजन प्राथमिकता के आधार पर किए जाने की मांग की गई थी लेकिन इस पर भी सरकारें ध्यान नहीं दे रहीं।
उन्होंने आशुलिपिक एवं स्टोर कीपर की पृथक से वरिष्ठता सूची निर्गत करके उनकी अविलंब प्रोन्नति की मांग की। एसोसिएशन के महामंत्री धर्मेश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के लिपिकों की मांग को लेकर शासन गंभीर नहीं है। पूर्व में एसोसिएशन काली पट्टी बांधकर समस्याओं के निस्तारण की मांग कर चुका है लेकिन अब तक मामले जस के तस हैं। उन्होंने वर्ष 1994 के बाद परिधिगत कार्यालयों में सृजित 581 पदों को संवर्ग में शामिल करने की मांग उठाई। धरना में दीवाकर, प्रेम, शशिकला, वंदना, प्रमोद गौतम, अमरेश कुमार, सतीश कुमार मौजूद रहे।