शक्तिनगर। कोयला क्षेत्र में रोजगार को लेकर मची होड़ के बीच एनसीएल बीना क्षेत्र की आउटसोर्सिंग कंपनी ने शुक्रवार से बायोडाटा जमा करने का कार्य बंद करने का एलान कर दिया। कंपनी के नुमाइंदों ने नौ जून से बायोडाटा जमा कराना शुरू किया था। इसे शुक्रवार को बंद कर दिया गया। अब उन ऑपरेटरों का ट्रायल होगा, जो बीते 21 दिन में अपना बायोडाटा जमा कर चुके हैं।
कोयला क्षेत्र में कोल इंडिया हाई पावर कमेटी की संस्तुति मुताबिक संविदा कर्मियों को उच्च वेतन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। इसी वजह से युवाओं का रुझान इस क्षेत्र में ज्यादा है। रोजगार के लिए मारामारी का फायदा बिचौलिए उठाते हैं। यह भी कई बार उजागर हो चुका है। यही कारण है कि एनसीएल बीना कोयला क्षेत्र में ओबी हटाने के कार्य में लगी चेन्नई राधा इंजिनियरिंग प्रा. लिमिटेड संविदा कर्मियों की भर्ती को सर्वमान्य रूप देने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने पहले परियोजना प्रभावित (पीएपी), परियोजना विस्थापित (पीडीपी) परिवारों के बीच से वाल्वो ऑपरेटर, लिबहर बुलडोजर ऑपरेटर, कैट मोटर ग्रेडर, संविदा ऑपरेटर के बायोडाटा लेना शुरू किया था। अब कंपनी शीघ्र संविदा ऑपरेटरों का ट्रायल शुरू करेगी। योग्य आपरेटरों भरपाई पीएपी व पीडीपी से हो गई तो ठीक नहीं तो बाहरी बेरोजगारों को मौका मिल सकेगा। आपरेटरों की भर्ती होने पर अकुशल श्रमिकों को उसी अनुपात में अवसर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।