सोनभद्र। राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के मधुपुर में ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक ने पान विक्रेता से धोखाधड़ी कर उसकी एफडी से दो लाख रुपये निकाल लिए। उसे दो साल तक एफडी के नवीनीकरण का झांसा दिया जाता रहा। बाद में जब वह नवीनीकरण का कागज लेने बैंक पहुंचा तो उसे रुपये निकाले जाने की जानकारी हुई। शनिवार को शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मधुपुर निवासी मनोज कुमार की ओवरब्रिज के नीचे पान की दुकान है। उसका एसबीआई मधुपुर शाखा में बचत खाता है। पीड़ित के मुताबिक मधुपुर इलाके के मझुई गांव के रहने वाले सत्यप्रकाश मौर्य ने उसकी दुकान के बगल में एसबीआई का ग्राहक केंद्र खोला है। 29 अगस्त 2020 की दोपहर वह एसबीआई में दो लाख रुपये एफडी करने गए थे। वहां सत्यप्रकाश और उसके माता-पिता मिल गए।
बातचीत के दौरान उसके पिता जगराम ने सत्य प्रकाश से फार्म भरवाने की सलाह दी। आरोप है कि सत्य प्रकाश ने ऑनलाइन फाॅर्म भरवाते समय अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया। उससे कुछ दूसरे कागजात पर भी हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद उसने उसकी एफडी तोड़कर दो लाख रुपये उड़ा दि। शनिवार को उसने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई। प्रभारी निरीक्षक माधव सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
- एफडी का कागज थमाने के चंद घंटे बाद निकाल ली रकम
कम पढ़ा-लिखा होने के कारण वह धोखाधड़ी की बात समझ नहीं पाए। कुछ देर बाद उसे एफडी का कागज मिला तो वहां से चला आया। पीड़ित ने बताया कि उसने एफडी एक साल के लिए ही कराई थी। समय पूरा होने के बाद भी उसे पैसे की जरूरत नहीं पड़ी तो वह लेने नहीं गया। कुछ लोगों से बात की तो पता चला कि एफडी के पैसे की समय पर निकासी न की जाए तो वह अपने आप रिन्युअल हो जाता है। उसने बैंक जाकर पूछताछ की तो कर्मचारी ने रिन्युअल हो जाने की जानकारी दी।
- रिन्युअल का नहीं मांगता कागज तो नहीं होता खुलासा
पीड़ित मनोज ने बैंक से एफडी रिन्युअल का के कागजात मांगे लेकिन उसे नहीं दिए गए। उसने एक परिचित इंजीनियर से पूरी बात बताई। इस पर इंजीनियर मनोज के साथ बैंक पहुंचे और प्रबंधक से मुलाकात की, तब धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। इसके बाद शनिवार को उसने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई।