फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: प्रतिबंधित कफ सिरप के तस्कर को नहीं मिली जमानत

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। प्रतिबंधित कफ सिरप को न्यायालय ने भी मानव जीवन के लिए हानिकारक माना है और जमानत की अर्जी लगाने वाले आरोपी को किसी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया है। मामला पिछले माह राॅबटर्सगंज कोतवाली क्षेत्र में पिछले माह पकड़े गए साढ़े तीन करोड़ के कफ सिरप से जुड़ा है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट आबिद शमीम की अदालत ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की। प्रकरण को गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन

18 अक्तूबर 2025 को आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने साढ़े तीन करोड़ के कफ सिरप के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया था। कंटेनर में अन्दर नमकीन व चिप्स के कार्टून के बीच बोरियों में रपी एस्कफ कफ सिरप की एक लाख 19 हजार 675 शीशियां बरामद की गई थीं।
दावा किया गया था कि बरामद किए गए सिरप में कोडीन नामक नशीला पदार्थ मिला हुआ है जिसकी तस्करी कर मुनाफा कमाया जा रहा है। मामले में मध्यप्रदेश के रहनेवाले हेमंत पाल, बृजमोहन शिवहरे, राम गोपाल धाकड को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद तीनों का न्यायालय चालान किया गया था। वहां से उन्हें जिला कारागार गुरमा भेज दिया गया था।
विज्ञापन


-
सिरप प्रतिबंधित न होने की दी थी दलील :
ग्वालियर जिले के माधवगंज स्थित सत्यम अपार्टमेंट मे रहने वाले बृजमोहन शिवहरे ने सत्र न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई थी। दलील दी थी कि उसके वाहन पर गाजियाबाद में क्या लोड कराया गया इसकी जानकारी उसे नहीं थी। जो कफ सिरप बरामद हुआ है वह भारत सरकार से प्रतिबंधित नहीं है। अभियोजन की तरफ से कहा गया है कि जो सिरप पकड़ा गया है उसका उपयोग नशीले पदार्थ के रूप में किया जाता है और मानव जीवन के लिए हानिकारक है। न्यायालय ने पाया कि जो रिपोर्ट और तथ्य सामने आए हैं उसके मुताबिक पकड़े गए सिरप में कोडिन नामक नशीला पदार्थ मिला है जिसका प्रयोग नशे के रूप में किया जाता है और यह प्रतिबंधित औषधि की श्रेणी में आता है। आरोपी पर सोनभद्र के अलावा दूसरे जिलों में कुल 10 एफआईआर दर्ज पाई गई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी स्वीकार नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें