परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने माध्यमिक भारतीय रसोइयां वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले मानदेय भुगतान और मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। डीएम को शासन के नाम मांगपत्र सौंप कर शीघ्र बढ़ा मानदेय देने की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर प्रजापति ने कहा कि उच्च न्यायालय ने रसोइयों को न्यूनतम मानदेय निर्धारित करने का निर्देश दिया। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार न्यूनतम मानदेय देने से पीछे हट रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष उषा साहू ने कहा कि रसोइयों का मानदेय अप्रैल 2022 से अब तक का बाकी है। मानदेय का भुगतान न होने से रसोइयों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है।
संगठन के संस्थापक व संरक्षक तैयब अंसारी ने कहा कि सीएम अपने वादे के अनुसार 28 अप्रैल को शासनादेश जारी करते हुए प्रदेश के 3.85 लाख रसोइयों को 2000 रुपये मानदेय देने के साथ 500 रुपये ड्रेस और एप्रन, ग्लव्स और कैप देने का निर्देश जारी किया है। प्रदर्शन में ज्ञानती देवी, गायत्री देवी, शकुंतला देवी, लालती देवी, केवली देवी, विद्यावती देवी, सुनिता देवी आदि शामिल रही। संचालन जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद ने किया।