आचार संहिता लागू होने से पूर्व शुरू हुए विकास कार्यों की सूची चुनाव आयोग ने तलब की है। मुख्य सचिव ने आयोग का हवाला देते हुए चार जनवरी तक शुरू हुए नए और पुराने निर्माण कार्यों की सूची सात जनवरी तक मांगी है। प्रशासनिक अमला मुख्य सचिव का फरमान आते ही आचार संहिता लगने के बाद छोटे से बड़े कामों का ब्योरा जुटाने में जुट गया है। चूंकि समय कम होने के नाते इस तरह की जानकारी जुटाने में निर्वाचन कार्य में जुटे कर्मचारियों को पसीने छूटने लगे हैं।
आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन से दस करोड़ से कम या उससे अधिक वाले या उससे कम वाले कार्यों की बिंदुवार रिपोर्ट बनाने को कहा है। माना जा रहा है कि आचार संहिता लगने के नाते जमीन पर उतर चुके विकास कार्य प्रभावित न हों, इसलिए सूची तैयार कराई जा रही है। साथ ही आचार संहिता लगने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराए जाने की तमाम शिकायतों निर्वाचन कार्यालय को मिलती हैं। आयोग शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगता है। वहां पर जाने आने और रिपोर्ट बनाने में काफी समय बर्बाद होता है। ऐसे में निर्माण कार्यों की सही सूची आयोग के पास उपलब्ध रहेगी तो आने वाली शिकायतों और निर्माण स्थल का मिलान कराने के बाद आयोग इस तरह की शिकायतों को त्वरित निस्तारण कर देगा। उधर, गुरुवार को अवकाश होने के बाद शुक्रवार को सुबह जिला निर्वाचन अधिकारी सीबी सिंह ने निर्माण कार्यों से जुड़े सभी कर्मचारी और अधिकारियों को तत्काल सूची उपलब्ध कराने को कहा है ताकि सात जनवरी को रिपोर्ट आयोग को भेजी जा सके।