जिले में संचालित कोचिंग सेंटर और डिजिटल लाइब्रेरी को अब सभी निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद ही शिक्षा विभाग से मान्यता मिल सकेगी।
मान्यता के लिए अग्निशमन विभाग और वीडीए (वाराणसी विकास प्राधिकरण) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा विभाग की ओर से तय अन्य सुरक्षा मानकों को भी पूरा करना होगा।
जिले में वर्तमान समय में दो सौ से अधिक कोचिंग सेंटर और डिजिटल लाइब्रेरी संचालित हैं। हाल ही में लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती शुरू कर दी है।
अग्निशमन विभाग और वीडीए की संयुक्त जांच में जिले के 17 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी को मानकों में कमी मिलने पर सील किया गया था।
इसके बाद प्रशासन ने कोचिंग संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें सुरक्षा और संचालन से जुड़े 15 बिंदुओं को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। संचालकों को इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद निरीक्षण समिति संस्थानों की जांच करेगी। जांच के दौरान कोचिंग सेंटर का पंजीकरण प्रमाण पत्र, उसकी वैधता, शिक्षण संबंधी अभिलेख, छात्रों का विवरण और फीस रसीदों का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और कम से कम 15 दिनों तक रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी देखी जाएगी।
इसके अलावा छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी और वेंटिलेशन, सुरक्षित प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, कक्षाओं में क्षमता के अनुसार फर्नीचर, इमरजेंसी एग्जिट, शिकायत पेटिका और शिकायत निस्तारण प्रणाली की भी जांच की जाएगी।