जिले में मकर संक्रांति पर्व शनिवार को पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। लोगों ने स्नान और पूजन अर्चन के बाद दही-चूड़ा का सेवन किया। बच्चों ने जमकर पतंगबाजी की। उधर स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज परमहंस आश्रम नवटोला में विशाल भंडारा व सत्संग का आयोजन।
नींद टूटते ही लोगों ने मकर संक्रांति पर्व की एक-दूसरे को बधाई दी। स्नान कर लोगों ने पूजन-अर्चन किया। इसके बाद चावल, दाल, तिल से बने मिष्टान को छूकर ब्राह्मणों को दान किया। राबट्र्सगंज नगर से सटे लोढ़ी गांव में पूर्व की भांति कुश्ती दंगल का आयोजन भाजपा नेता गोविंद यादव की ओर से कराया गया। मुख्य अतिथि डॉ. एचपी सिंह ने पहलवानों को साफा पहनाकर कुश्ती का शुभारंभ किया। प्रधान शमशेर बहादुर सिंह, माला चौबे, सूर्यबली सिंह, राजेश मिश्रा आदि मौजूद रहे। केकराही से बाबा जय गुरुदेव के भक्तों ने शाकाहारी और स्वच्छ भारत मिशन का काफिला निकाला। मधुपुर, हिंदुआरी होते हुए काफिला राबट्र्सगंज पहुंचा। यहां से काफिला जय गुरुदेव जिला आश्रम परासी पांडेय पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया। छांगुर, राजेश, राजेंद्र, राजकुमार, सिद्धनाथ आदि मौजूद रहे।
वैनी: क्षेत्र में मकर संक्रांति पर्व पर दान पुण्य कर एवं दही चूरा तिलवा ढूंढा खाकर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बलियारी में परगटनाथ पहाड़ी पर व गोटीबाध में मेले का आयोजन भी हुआ। सर्वाधिक गुड़ की बनी जेलेबी, पकौड़ी, खिलौने की बिक्री हुई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर फोर्स तैनात रही। सांगोबांध: बभनी थाना क्षेत्र के छतीसगढ़ और उत्तरप्रदेश के बॉडर पर स्थित पांगन नदी के छहमुहान घाट पर मकर संक्रांति पर्व पर लोगों ने दान पुण्य कर दही चूरा तिलवा ढूंढा का सेवन किया। पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी मेला लगा रहा है। खलियारी: नक्सल प्रभावित विकास खंड नगवां क्षेत्र के खलियारी, वैनी, सरैगाड़, पौनी बाजार में मकर संक्रांति के पर्व पर जय गुरुदेव के अनुयाइयों ने आटो से जागरूकता यात्रा निकाली। बाबा के अनुयायियों का यात्रा नगवां ब्लाक अध्यक्ष जमींदार के नेतृत्व में निकली। मधपुर: कस्बे में स्थित नवीन मंडी समिति में श्याम नारायण पाल और संध्या द्रविण के बीच बिरहे का मुकाबला हुआ। जिला पंचायत सदस्य राजकुमार यादव, हरिहर सिंह चौहान, रामअनंत, मुन्ने लाल, शिव नारायण चौहान मौजूद रहे।
चोपन प्रतिनिधि के अनुसार लोगों ने सोन नदी में स्नान किया। लाखन वीर बाबा का वार्षिकोत्सव चौबीस घंटे के अखंड हरिकीर्तन के समापन के बाद शनिवार को समाप्त हुआ। यहां श्रृंगार किया गया। दया यादव, लोकनाथ केशरी, अमरनाथ, सुनील मौजूद रहे। दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के कनहर व ठेमा नदी के संगम तट पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। यहां झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, मध्य प्रदेश से श्रद्घालु आए। दुद्धी विंढमगंज मार्ग पर हिराचक गांव में कनहर के रेत पर दूर तक फैला संक्रांति का मेला आकर्षण का केंद्र रहा।