दुद्धी। कनहर सिंचाई परियोजना के प्रमुख अभियंता संदीप कुमार ने शनिवार को कनहर बांध का निरीक्षण किया। फील्ड हॉस्टल में अभियंताओं व कार्यदाई संस्था के अधिकारियों के साथ बैठक कर बांध की सुरक्षा से संबंधित जानकारी ली।
कुड़वा में निर्माणाधीन टनल और जलसेतु की भी प्रगति जानी। प्रमुख अभियंता ने पुनर्वास काॅलोनी में मिलने वाली सुविधाएं के बारे में अधिकारियों से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का निस्तारण बजट आते ही करा दिया जाएगा।
काॅलोनी में मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धनौरा में सिंचाई विभाग के आवासीय काॅलोनी के अधिकारियों पर विद्युत बिल बकाया सहित अन्य कार्यों में लापरवाही पर नाराजगी जताई। इस मौके पर परियोजना के मुख्य अभियंता नीरज कुमार, अधीक्षण अभियंता एसएन पांडेय, अधिशासी अभियंता विनोद कुमार, रवि श्रीवास्तव, डीजीएम वर्मा, सत्यनारायण राजू आदि मौजूद रहे।
एशिया के सबसे बड़े एक्वाडक्ट का निर्माण अधूरा
कनहर बांध का निर्माण कार्य पूरा हो गया, मगर अभी नहरों का निर्माण अधूरा होने से परियोजना का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। बांध के दोनों तरफ से नहर निकली है। नहर में भूमि हस्तनांतरण नहीं होने से निर्माण कार्य बाधित है। बांध के बाएं नहर में वन विभाग के आपत्ति के कारण जलसेतु (एक्वाडक्ट) व टनल का निर्माण कार्य 12 वर्षों से अधूरा है। प्रमुख अभियंता ने बताया कि बजट आवंटित हो गया है। जल्द की सभी निर्माण कार्य को पूरा कराया जाएगा। नहरों का काम दो साल के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। बांध का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बांध के पानी से ढाई लाख लोगों तक पानी पहुंचाया जाएगा।