नक्सल प्रभावित नगवां ब्लॉक अंतर्गत वैनी सीएचसी का शुक्रवार की सुबह सीएमओ डॉ. यूके वर्मा ने औचक निरीक्षण किया। अस्पताल की दुर्व्यवस्था पर वे भड़क गए और संबंधितों को कड़ी फटकार लगाई। उपस्थिति पंजिका रजिस्टर का अवलोकन किया तो 11 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर संबंधित कर्मचारियों का वेतन अवरुद्ध करने के साथ ही कार्रवाई का निर्देश दिया। इस दौरान अस्पताल में हड़कंप मच गया।
शुक्रवार के अंक में अमर उजाला ने वैनी सीएचसी की दुर्व्यवस्था से संबंधित खबर ‘नसबंदी के बाद महिलाओं को जमीन पर लेटाया’ शीर्षक से प्रकाशित की गई है। इसको संज्ञान लेकर शुक्रवार की सुबह 10 बजे सीएमओ डॉ. यूके वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. गणेश प्रसाद और एनआरएचएम के डॉ. एसके सिंह वैनी सीएचसी का औचक निरीक्षण करने जा पहुंचे। सबसे पहले वे उपस्थिति रजिस्टर को देखा तो 11 कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
इसके बाद अस्पताल की दुर्व्यवस्था की जांच पड़ताल की। शिविर रजिस्टर नहीं था, सिर्फ कागज पर लिखा गया था। अस्पताल के किसी भी वार्ड और बरामदे में साफ-सफाई नहीं पाई गई। वार्ड के बाहर भी गंदगी का अंबार लगा था। जिसे देखकर वे भड़क गए और संबंधितों को कड़ी फटकार लगाई। अस्पताल के स्टोर में 10 बेड, 20 गद्दा, 30 चादर, 20 कंबल होना बताया गया। सीएमओ ने कहा कि जरूरत पड़ने पर तत्काल टेंट हाउस से बेड, विस्तर मंगाकर मरीजों को सुविधा दी जा सकती है। कहा कि इसके लिए बजट भी आवंटित है।
सीएमओ ने मरम्मत, साफ-सफाई, रंगाई-पुताई के लिए 30 हजार रुपये का बजट होना बताया। बावजूद इसके अस्पताल की साफ-सफाई न होने, दीवाल पर पीपल का पेड़ उगने पर भड़क गए। सीएमओ ने पेट्रोमैक्स की व्यवस्था करने और दवा की व्यवस्था जिले से करने का निर्देश दिया।
वैनी सीएचसी के डॉ. जेपी सिंह को निर्देश दिया कि तत्काल में पंद्रह सौ रुपये खर्च कर सकते हैं। डॉ. ने नर्स और एएनएम के बारे में शिकायत की कि उनकी बात नहीं मानती। इस पर सीएमओ ने समूचे स्टाफ के लोगों को बुलवाकर कड़ी फटकार लगाई। इसके अलावा सभी को सुधरने की चेतावनी दी।