एनसीएल में दो सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने के लिए श्रमिक संगठनों ने जनजागरण अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को बीना, ककरी और कृष्णशिला परियोजना क्षेत्र में सभा कर आवाज बुलंद की। साथ ही परियोजना और आउटसोर्सिंग कंपनियों के कर्मचारियों से संपर्क कर हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया।
एटक के अशोक दुबे, मुन्नीलाल यादव, बीएमएस के एनके सिंह, आरसीएसएस के निरंजन झा, आरसीएमएस के आदित्य मिश्रा, एचएमएस के संतोष सिंह, सीटू के एसपी सिंह, संयुक्त संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी पीके सिंह का कहना था कि दो सितंबर की हड़ताल देश के उद्योगों और उनके कर्मचारियों की दिशा एवं दशा तय करेगी।
कहा कि केंद्र सरकार मनमाने ढंग से कोल इंडिया का दस प्रतिशत शेयर बेचने पर उतारू है। श्रम कानूनों में संशोधन कर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
इसी किसी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। श्रम संगठनों के पदाधिकारियों ने दावा किया गया कि दो सितंबर की हड़ताल में पूरे देश में 53 करोड़ कामगार शिरकत करेंगे।
इस हड़ताल में एनसीएल के साथ ही कोल इंडिया के सभी अनुषंगी संगठन तथा अन्य उद्योग, प्रतिष्ठान और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मी शामिल रहेंगे।