नीलाम कोयले की लोडिंग के दौरान कथित हेराफेरी के सिलसिले में सीबीआई की टीम ऊर्जांचल में दो दिनों से डेरा डाले हुए है। प्रकरण नीलामी के कोयले की आड़ में उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की लोडिंग किए जाने की चर्चा है।
इससे जहां कोल ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है वहीं कई परियोजनाओं में कोयले की लोडिंग का काम भी प्रभावित बताया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि सिंगरौली के नवानगर इलाके के एक कांट्रैक्टर ने सीबीआई से कोयले में हेराफेरी की शिकायत की थी। इस पर शनिवार की सुबह पहुंची टीम ने एनसीएल के कई परियोजना क्षेत्रों का गुपचुप दौरा कर नीलाम कोयले की लोडिंग की स्थिति जानी।
हालांकि इसकी भनक लग जाने से ट्रांसपोर्टरों ने अपने वाहनों को लोडिंग प्वाइंट पर भेजने की जगह सड़क किनारे खड़ा कर दिया।
इसके चलते ककरी-बीना के बीच स्थित लोडिंग प्वाइंट, कृष्णशिला, दुद्धीचुआ परियोजना के लोडिंग प्वाइंट के इलाके में सड़कों की साइड में खाली ट्रकों की कतार लगी रही।
रविवार को भी टीम गोपनीय तरीके से कथित हेराफेरी की सच्चाई जांचने में जुटी रही। इससे कोयले की ढुलाई करने वालों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
शनिवार को मोरवा, शक्तिनगर और ककरी परिक्षेत्र में मौजूद बताई जाने वाली टीम के रविवार को दुद्धीचुआ और बैढ़न इलाके में होने की बात कही जा रही थी।
उधर, इस बारे में एनसीएल के जीएम सेल्स एके वर्मा ने किसी तरह की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। वहीं लोडिंग मसले पर ककरी जीएम एसके पांडेय का कहना था कि लोडिंग चालू है। तमाम वाहन सड़क किनारे खड़े हैं, इसके बारे में उनके संचालक ही बता सकते हैं।