ऊर्जांचल में मादक पदार्थों (हेरोइन, गांजा) का कारोबार महिलाएं, युवतियां संभाल रही हैं। गुरुवार को अनपरा पुलिस के हत्थे चढ़े दो तस्करों से मिली जानकारियों ने पुलिस के होश उड़ा दिए हैं। कई सफेदपोश इस काले धंधे को संरक्षण दे रहे हैं। दस दिन पूर्व क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ी अनपरा निवासी महिला और उसके कथित प्रेमी की भी जानकारियां चौंकाने वाली हैं।
एसओ अनपरा डीपी यादव के मुताबिक सुबह साढ़े आठ बजे एसआई आरएस यादव की अगुवाई वाली पुलिस टीम जैसे ही काशी मोड़ पहुंची, दो युवकों की गतिविधियां संदिग्ध दिखीं। पुलिस ने उन्हें बुलाया तो भागने लगे, इस पर दौड़ाकर दबोच लिया। पकड़े गए सुल्तान और वीरेंद्र सिंह निवासी डिबुलगंज के झोले से सवा तीन किलो गांजा बरामद किया गया। इन दोनों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि अनपरा की दो महिलाएं और छह युवतियां पूरे ऊर्जांचल में हेरोइन, गांजा तस्करी की कमान संभाले हुए हैं।
इसमें से अनपरा निवासी एक महिला और उसका कथित प्रेमी दस दिन पहले 56 ग्राम हेरोइन के साथ क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ चुका है। उस महिला के जेल जाने के बाद अनपरा की दूसरी महिला ने सारी कमान संभाल ली है। सूत्रों की मानें तो पूछताछ में यह भी पता चला है कि ऊर्जांचल (ओबरा से अनपरा-शक्तिनगर तक) मादक पदार्थों की सप्लाई डाला से हो रही है और यहां का तार मुगलसराय से जुड़ा हुआ है। वहां ट्रेन एवं अन्य माध्यमों से हेरोइन आदि की खेप पहुंच रही है।
एसओ डीपी यादव ने भी स्वीकार किया कि तस्करी का बड़ा रैकेट है, जिसमें महिलाएं-युवतियां भी शामिल हैं। उधर, क्राइम ब्रांच प्रभारी भारतभूषण तिवारी ने भी माना कि नशे के कारोबार में महिलाएं-युवतियां प्रमुख भूमिका में हैं। एसपी डॉ. रामलाल वर्मा का कहना है कि पूरे रैकेट के खुलासे के लिए टीम गठित कर दी गई है। इसमें महिला कांस्टेबलों को शामिल किया गया है, ताकि पूरे रैकेट को बेनकाब किया जा सके।