सीएम के कार्यक्रम में मजदूरों मेें वितरण के लिए आई साइकलों में से पचास साइकलें रात आठ बजे बिकने के लिए अनपरा बाजार स्थित एक दूकान पर पहुंच गईं।
इससे खफा बाजारवासियों ने जमकर हंगामा किया। दूकान का गोदाम खोलवाकर 25 साइकलें निकलवा भी लीं। उधर, लोगों को समझाने पहुंचे साइकल आपूर्तिकर्ता अनिल जायसवाल से भी लोगों की खासी नोकझोंक हुई।
रात पौने नौ बजे तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। जबकि लोगों ने आपूर्तिकर्ता को मौके पर रोक रखा था।
बताते चलें कि अनपरा के सीआईएसएफ ग्राउंड में सीएम के हाथों वितरण के लिए दुद्धी क्षेत्र निवासी अनिल जायसवाल की फर्म के जरिए साइकलों की आपूर्ति ली गई थी।
प्रशासन की प्रेस विज्ञप्ति पर यकीन करें तोमुख्यमंत्री ने 1002 लोगों को साइकलें दीं। वहीं अनिल का कहना था कि 950 साइकलें ही बांटी गई। बची पचास साइकलों को वह बेचने के लिए दूकान पर ले आया था।
वह भुगतान भी 950 साइकलों का ही लेगा। उधर नाराज लोगों ने जमकर नारेबाजी की और देर रात तक अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
नितेश चौहान, मनीष वैश्य, बिल्लू, आशीष मिश्रा, नागेंद्र यादव आदि का कहना था कि सीएम के नाम की आड़ में साइकल आपूर्ति के नाम पर सरकारी धन की लूट की गई है। अगर संबंधितों पर कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।