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कई गांवों में हाथियों के झूंड ने मकानों को जमींदोज

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बभनी थाना क्षेत्र के डूमरहर गांव में जंगली हाथी के हमले से गिरा मकान। - फोटो : SONBHADRA
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बभनी। थाना क्षेत्र के मगरमांड, नवाटोला समेत कई गांवों में हाथियों के झुंड ने फसलों को रौंद दिया है। दर्जनों मकानों को धराशायी कर दिया। हाथियों ने मकानों में रखे अनाज को खा डाला। ऐसे में गरीबों के समक्ष दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए। हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत है और चे आग जलाकर रात गुजारने को मजबूर हो गए है।
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गौरतलब हो कि पिछले दो सप्ताह से छत्तीसगढ़ सीमा से सटे मगरमांड, नवाटोला, डूमरहर, शीशटोला, करमघट्टी समेत अन्य गांवों में हाथियों का उत्पात जारी है। 50 से अधिक किसानों का हाथियों ने फसल नुकसान कर दिया है। इसके अलावा 20 से अधिकं लोगों का घर ढहा कर उनको बेघर कर दिया है। कुछ लोगों के मकानों को आधा-अधूरा गिरा कर छोड़ दिया है। उक्त मकान कभी भी गिर सकते है। हाथियों ने मकानों में रखे मक्का, धान समेत अन्य अनाज को अपना भोजन बना चुके है। ऐसे में पीड़ितों के सामने रोजी-रोटी का भी संकट भी उत्पन्न हो गया है।रामकेश गुप्ता, रामकुमार यादव, अशोक कुमार समेत अन्य पीड़ितों की मदद करने में जुटे है। पीड़ित किसान मंधारी, मानसिंह, हुबलाल, कामेश्वर, अनुराग, सुखनरायन, रामेश्वर, रामलखन, जगशाय, लालशाय, अहिबरन, रामप्रसाद, रामसुभग, रामलखन, नवालिक सिंह, विमला देवी, लीलावती, सहदेव, सोनसिंह, प्रदीप कुमार, मोहरशाय, बिहारी लाल, रामलाल, अवधेश कुमार, विश्वनाथ, रामलोचन, अमृत लाल, रामसुंदर, रामश्रृंगार, कन्हैया लाल, मन्नू सिंह ने जिला प्रशासन से हाथियों के आतंक से निजाते दिलाते हुए मुआवजा दिलाने की मांग की है।
ट्रक चलाकर करता था जीवन यापन
हाथियों के आक्रोश का शिकार हुआ मृतक राजेन्द्र ट्रक चलाकर जीवकोपार्जन करता था। मृतक की पत्नी देवमती ने बताया कि उसका पति दीपावली पर घर आया था। सोमवार को वह काम पर जाने वाले थे। लेकिन रात में उनको पता चला कि चचेरे भाई को घर में हाथियों ने घेर लिया है तो वह बचाने के लिए चले गए। लेकिन हाथियों ने उनको पटक-पटक कर मार डाला। मृतक के दो मासूम बच्चे है।
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विशाल हाथी झुंड का कर रहा था रखवाली
सोनभद्र। हाथियों का झुंड रंपाकुरर पहुंचा था। जिसे फारेस्ट की टीम ने खदेड़ा तो हाथियों का झुंड डूमरहर के नेतीयांन टोला पहुंचा और फसल बर्बाद करना शुरू कर दिया। एक परिवार के सदस्य भयवश घर में छिपे रहे। ग्रामीणों की मानें तो फारेस्ट की टीम हाथियों के पीछे नेतियांन टोला पहुंची और हाथियों को भगाने का प्रयास कर रही थी। वन विभाग का एक जवान, एक घर के छप्पर के ऊपर चढ़ कर टार्च से हाथियों को देख रहा था। कुछ ग्रामीण घर के अंदर बंद परिवार को बचाने के लिए आगे बढ़े। झुंड से कुछ दूरी पर एक विशाल हाथी झुंड की रखवाली कर रहा था। इसकी भनक ग्रामीणों को नहीं लगी और उक्त हाथी ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। कई हाथियों ने युवक को पटक-पटक कर मार डाला।
जान बचाने के लिए कूप में कूदा
बभनी। हाथियों के हमले से युवक की मौत होते ही ग्रामीणों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की मानें तो युवक की मौत होते ही फारेस्ट टीम फरार हो गई। वहीं हाथियों से जान बचाने के लिए एक युवक कूप कूद गया। घंटे भर युवक कूप में रहा। हाथियों के जाने के बाद उसने निकल कर अपनी जान बचाई।

बभनी थाना क्षेत्र के डूमरहर गांव में पहुंचा जंगली हाथी का झुंड।- फोटो : SONBHADRA

बभनी थाना क्षेत्र के डूमरहर गांव में विलाप करते जंगली हाथी के हमले मृत युवक के परिजन।- फोटो : SONBHADRA

बभनी थाना क्षेत्र के डूमरहर गांव में हाथी के हमले से मृतक का घटना स्थल।- फोटो : SONBHADRA

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