राबर्ट्सगंज धर्मशाला चौक के पास बारिश और जलजमाव से पलटे ई रिक्शा को उठाते लोग। जागरुक पाठक
सोनभद्र। करीब दस दिनों के बाद शुक्रवार को पूरी रात जोरदार बारिश हुई। रात नौ बजे से शुक्रवार को सुबह सात बजे तक पूरे जिले में करीब 56 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह इस सीजन में एक दिन में हुई सबसे ज्यादा बरसात है। इससे पहले 12 अगस्त की रात करीब 34 एमएम बारिश हुई थी।
मूसलाधार बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं तो रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोग परेशान रहे। वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर उरमौरा में दो फीट तक भरा रहा।
शुक्रवार की रात नौ बजे से पूरी रात तेज बारिश जारी रही। सुबह चारों तरफ जलभराव हो गया था। नगर के चंडी तिराहे से धर्मशाला चौक के बीच बाईपास मार्ग पर दो फीट पानी भर गया। सर्विस लेन परपानी लगने से राहगीरों को फजीहत हुई। वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर इमरती कॉलोनी के पास पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ। नई बस्ती की गलियों से घरों के अंदर तक घुस गया। पूरे दिन लोग घरों से बाहर नहीं निकल सके।
यही हाल धर्मशाला चौक से मेन चौक को जाने वाले मार्ग पर भी था। सुबह लोग दुकानों के अंदर से पानी निकालते नजर आए। उरमौरा, इमरती, पुसौली, बढ़ौली के कई इलाके भी जलभराव से प्रभावित हुए। बांध-बंधियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। पहाड़ी नालों से लगातार पानी आने के चलते दोपहर बाद बांधों के फाटक खोलने पड़े। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रात भर में पूरे जिले में करीब 56 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इससे पहले 12 अगस्त की रात भी तेज बारिश हुई थी।
कच्चा मकान और स्कूल की चहारदीवारी गिरी : करमा। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में कच्चे व जर्जर निर्माण ढह गए। करमा ब्लॉक के गनेशपुर गांव में धर्मा देवी का घर गिर गया।
मलबे में दबने से पशुओं के लिए रखा हुआ भूसा, घर में रखा हुआ अनाज और बिस्तर नष्ट हो गए। संयोग था कि घर के सदस्य दूसरे कमरे में सोए थे। उधर, उच्च प्राथमिक विद्यालय छोटकापुर की बाउंड्री ढह गई। परिसर में भी पानी भर गया।