सोनभद्र। मौसम का मिजाज लोगों के लिए पहेली बन गया है। दिसंबर का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी लोग दिन में गर्मी महसूस कर रहे हैं। इस कारण अभी भी मच्छरों से लोग परेशान हैं। इस महीने डेंगू के तीन संदिग्ध मरीज मिल चुके हैं।
अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान भी 9 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह और शाम सर्द हवाओं के कारण लोग ठिठुरन महसूस कर रहे हैं, मगर दिन में चटख धूप से वातावरण में गर्मी बनी है।
ठंड का प्रभाव भले ही बढ़ने लगा हो, मगर डेंगू का खतरा अभी टला नहीं है। डॉक्टर लोगों को डेंगू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि मध्य दिसंबर तक डेंगू का प्रकोप बना रह सकता है।
घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा जनपद मच्छर जनित बीमारियों के लिहाज से अति संवेदनशील है। यहां की भौगोलिक स्थितियां मच्छरों के अनुकूल हैं। ऐसे में हर साल बड़ी संख्या में लोग डेंगू और मलेरिया के शिकार होते हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2022 में डेंगू के 172 मरीज मिले थे।
वहीं वर्ष 2023 में 225 और वर्ष 2024 में डेंगू के अब तक 42 पुष्ट मामले सामने आए हैं। हालांकि बहुत से ऐसे भी मरीज हैं, जिनमें प्रारंभिक जांच में डेंगू के लक्षण तो मिले, मगर लैब की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं हो सकी।
आमतौर पर ठंड बढ़ने पर डेंगू का प्रकोप कम होने लगता है। अक्तूबर तक ही उसका पीक सीजन माना जाता है। इस बार नवंबर बीतने के बाद भी संदिग्ध मरीज लगातार मिल रहे हैं। दिसंबर में डेंगू के तीन नए संदिग्ध मिले हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मध्य दिसंबर तक डेंगू का खतरा बना रहता है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डाॅ. एसएस पांडेय ने बताया कि दिन में माैसम गर्म होने के कारण अभी मच्छरों की समस्या बरकरार है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इन दिनों मौसम डेंगू के मच्छरों के अनुकूल है। ठंड बढ़ने के साथ ही डेंगू का प्रकोप थम जाएगा।
मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह के मुताबिक पिछले साठ वर्षों में छह दिसंबर को औसतन तापमान 25 से 12 डिग्री के बीच रहा है। सबसे कम आठ डिग्री सेल्सियस तापमान 1961 में दर्ज किया गया था, जबकि 2006 में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 28 डिग्री रहा। उन्होंने कहा कि अगले दो दिन बाद मौसम में बदलाव की संभावना है।
जांच रिपोर्ट निगेटिव लेकिन डेंगू के लक्षण
जिले में इस साल डेंगू के विभागीय आंकड़े भले कम रहे हैं, मगर चिकित्सक बुखार के मामलों को लेकर खासे परेशान रहे। बड़ी संख्या में ऐसे मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए, जिनकी डेंगू किट से जांच तो निगेटिव रही मगर डेंगू के सभी लक्षण दिखे। उसी आधार पर उनका उपचार भी हुआ।
अब पीक समय खत्म होने के साथ ही डेंगू के मामले में कमी आनी शुरू हो गई है। दिसंबर के मध्य तक डेंगू से सावधान रहने की जरूरत है। अब तक जिले में डेंगू पीड़ितों का आंकड़ा 42 है। इसमें चार अन्य जिलों के हैं। -डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।