जिले के विभिन्न राजकीय इंटर कालेजों से यूपी बोर्ड परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन करने पहुंचे शिक्षकों को आंदोलनरत शिक्षकों के विरोध का सामना करना पड़ा।
आंदोलनरत शिक्षकों के आगे एसडीएम, सीओ और डीआईओएस की भी नहीं चली। इन शिक्षकों ने राजकीय कालेजों के शिक्षकों को मूल्यांकन केंद्र के अंदर प्रवेश ही नहीं करने दिया। विरोध के चलते मूल्यांकन कार्य किए बिना शिक्षक वापस चले गए। वहीं एसडीएम भी फोर्स को लेकर हट गए।
राजकीय बालिका इंटर कालेज राबर्ट्सगंज के मुख्य द्वार पर सातवें दिन रविवार को भी शिक्षक समिति के बैनर तले शिक्षकों का आंदोलन जारी रहा।
सुबह करीब साढ़े दस बजे धरनास्थल पर फोर्स के साथ सदर एसडीएम राजेंद्र तिवारी, सीओ सच्चिदानंद, डीआईओएस संतोष कुमार मिश्रा, कोतवाल रमाकांत पांडेय पहुंच कर शिक्षकों से जीजीआईसी के शिक्षकाें को मूल्यांकन कार्य करने के लिए अंदर जाने देने की बात कहीं।
इतना सुनते ही आंदोलनरत शिक्षक उग्र हो गए और मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए शिक्षकों को अंदर जाने से रोक दिया। एसडीएम ने शिक्षकों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे जब तक मांगें पूर्ण नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रखने बात कहते रहे।
आंदोलनरत शिक्षकों का विरोध देख मूल्यांकन करने के लिए पहुंचे शिक्षक वापस चले गए। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के जायज मांगों को पूर्ण करने में हिलाहवाली की जा रही है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मौके पर विजयराम पांडेय, सुभाग सिंह, केके तिवारी, उमाशांकर मिश्रा, डा. विजेंद्र सिंह, गुलाब राय, अरुणपति तिवारी, डाली गुप्ता, नीलम राय आदि रहे।
उधर जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि राजकीय इंटर कालेज के कुछ शिक्षक जीजीआईसी बालिका इंटर कालेज में मूल्यांकन करने गए थे, लेकिन डिप्टी हेड के न पहुंचने और अनशन कर रहे शिक्षकों के विरोध के चलते वे मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं कर सकें।