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मानदेय बढ़वाने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों ने उठाई आवाज

Fri, 24 Aug 2018 11:35 PM IST
sonbhadra
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जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में धरने पर बैठे माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के सदस्य। - फोटो : sonbhadra
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सोनभद्र। मानदेय बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर माध्यमिक वित्तविहिन शिक्षक महासभा के बैनर तले शिक्षक और कर्मचारियों ने डीआईओएस कार्यालय परिसर में शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से पांच सितंबर तक मांगें पूर्ण किए जाने की मांग की है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने डीआईओएस को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित मांगपत्र सौंपा।
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वक्ताओं ने कहा कि 1966 से उत्तर प्रदेश वित्तविहिन व्यवस्था चल रही है। तब से लेकर अब तक कई सरकारें आई और गई लेकिन किसी का वित्तविहिन शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं पर नहीं पड़ी। अगर भाजपा सरकार की दृष्टि पड़ जाती तो सबका साथ सबका विकास के तहत वित्तविहिन शिक्षकों और कर्मचारियों का भी कल्याण हो जाता। वर्तमान परिवेश में पढ़ा-लिखा शिक्षक प्रतिदिन सुबह दस बजे से चार बजे तक पचास और सौ रुपये में पढ़ाने के लिए मजबूर है। कहा कि वित्तविहिन शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए न तो कोई नियमावली है न ही सेवा सुरक्षा की कोई गारंटी है।

26 जुलाई 2017 को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों को आश्वासन दिया गया था कि समान कार्य का समान वेतन के संबंध में सरकार जल्द कोई निर्णय लेगी। लेकिन एक वर्ष से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया। जिलाध्यक्ष विजेंद्र देव पांडेय, जिला महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह, इंद्र मोहन चौबे, देव प्रकाश पांडेय, प्रमोद कुमार दूबे, रमेश पूरी, ईश्वर पाठक, जयशंकर शुक्ला, अखिलेश विश्वकर्मा, दयाशंकर विश्वकर्मा, आदित्य नारायण दूबे, राजेंद्र शर्मा, अमरदेव पांडेय, राम प्रकाश पांडेय, उग्रसेन आदि मौजूद रहे।
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शिक्षकों का शोषण नहीं होगा बर्दाश्त  
सोनभद्र । पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की शुक्रवार को नगवां ब्लाक के बीआरसी परिसर में हुई बैठक में शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा हुई। जिलाध्यक्ष रवि भूषण सिंह, अटेवा जिलाध्यक्ष राजकुमार मौर्य, यूटा जिलाध्यक्ष शिवम अग्रवाल व योगेश पांडेय ने समस्याओं पर विस्चार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षण व्यवस्था शिक्षक-अधिकारी के समन्वय से चलती है। यदि अधिकारी हिटलर वादी नीति अपनाते है तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

15 दिन के अंदर  अध्यापकों के प्रति सहयोग की नीति में बदलाव नहीं आया तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। यह भी कहा कि पिछड़े ब्लॉक में अधिक धन उगाही के लिए कुछ शिक्षक अधिकारियों के सारथी का काम कर रहे है। ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर उन्हें बहिष्कृत किया जाएगा। योगेश पाण्डेय ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय तक शिक्षक उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर रविन्द्र चौधरी, महेंद्र जायसवाल, अतुल चतुर्वेदी, अनिल सिंह, कुबेर प्रसाद, सतीश यादव, विनोद तिवारी, ओम प्रकाश यादव, राजकुमार उपाध्याय, अरुणेश पाण्डेय, विवेकानंद, महेंद्र कुमार, शाहनवाज बानो, रविशंकर, शशांक चतुर्वेदी उपस्थित रहे।
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