एसबीआई अनपरा में फर्जी चेक के जरिए 2.70 लाख का भुगतान करा लेने का मामला सामने आया है। यह मामला भी तब खुला जब एक और फर्जी चेक को भुनाने की कोशिश की गई। पहले जिस बैंक के जरिए चेक क्लीयर होने आया था, उससे भुगतान लेने की कोशिश हुई। बात नहीं बनी तो शनिवार को एसबीआई के शाखा प्रबंधक ने पीएनबी अनपरा, पिपलगांव शाखा प्रबंधक और चेक भुगतान लेने वाले आशुतोष साहा निवासी पिपलगांव को आरोपी बनाकर पुलिस को तहरीर सौंप दी।
एसबीआई के शाखा प्रबंधक अभिषेक कुमार का कहना है कि पांच अगस्त को 2.70 लाख का एक चेक पीएनबी की अनपरा शाखा से इलाहाबाद के पिपलगांव ब्रांच के ग्राहक आशुतोष कुमार के खाते में जमा करने के लिए, उनके पास क्लीयरेंस के लिए आया। यह चेक बतवा, अहमदाबाद में टैलेंट इंडिया के नाम से था। देखने से चेक असली लग रहा था, इसलिए भुगतान कर दिया गया। 12 दिन बाद 17 अगस्त को एक चेक फिर से पीएनबी के जरिए उनके यहां आया। यह चेक पीएनबी बैंक के जयंत कुमार के नाम से था।
यह चेक भी पूरी तरह से असली लग रहा था लेकिन एक ही बैंक से जुड़े खाता और एक ही कंपनी का चेक होने के कारण जब जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि चेक फर्जी है। इस पर इस चेक का भुगतान रोकने के साथ ही, पीएनबी के अनपरा शाखा को पत्र लिख पूर्व के भुगतान को वापस मांगा गया लेकिन भुगतान नहीं मिला। तहरीर में आरोप है कि हेराफेरी और ठगी में अनपरा तथा पिपलगांव दोनों शाखा के प्रबंधक संलिप्त हैं। वहीं, पीएनबी अनपरा के शाखा प्रबंधक बीबीडी द्विवेदी का कहना था कि जब भी कोई चेक आता है तो संबंधित बैंक को क्लीयरेंस के लिए भेजना सामान्य सा नियम है। यह फर्जी है या सही है, यह चेक क्लीयर करने वाला बैंक करता है। ऐसे में इस मामले में उन्हें आरोपी बताना कहीं से सही नहीं है। उधर, पुलिस का कहना है कि सच्चाई जांची जा रही है। आरोप सही मिले तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।