केकराही पीएचसी का मंगलवार को सीएमओ ने निरीक्षण किया। इस दौरान पीएचसी अधीक्षक अनुपस्थित मिले। उनका वेतन रोकने का सीएमओ ने निर्देश दिया। सफाई व्यवस्था ठीक न होने पर भी नाराजगी जताई।
सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने पीएचसी में संचालित बीपीएचयू के निर्माण कार्य को देखा। बीपीएम ने बताया कि संविदा चिकित्सक डाॅ. फारूक सुलेमानी आकस्मिक अवकाश पर हैं।
स्टाफ नर्स रजनी की ड्यूटी दोपहर दो से आठ बजे तक की है, जो रोस्टर में अंकित नहीं था। मई के बाद से ड्यूटी रोस्टर का रिवीजन नहीं किया गया है। तीन माह से स्टाफ नर्सों की ड्यूटी का पर्यवेक्षण भी उचित तरीके से नहीं किया जा रहा है।
इसके लिए संबंधित को चेतावनी दी गई। यहां एक नियमित और एक संविदा सहित दो लैब टेक्नीशियन तैनात हैं, जबकि पीएचसी ककराही के तीन अतिरिक्त पीएचसी पर कोई भी लैब टेक्नीशियन तैनात नहीं है।
ऐसे में संविदा लैब टेक्नीशियन को पीएचसी नरैना पर तैनात करने के लिए निर्देशित किया गया। उपस्थिति रजिस्टर की जांच में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डाॅ. गुरूप्रसाद बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले।
उनका वेतन रोकते हुए, स्पष्टीकरण तलब किया गया। परिसर में गंदगी पर सीएमओ ने बीपीएम शिखा श्रीवास्तव और प्रभारी डाॅ. गुरुप्रसाद का वेतन सफाई होने तक न निकाले जाने का निर्देश दिया।
आवासीय परिसर के जर्जर भवनों का निरीक्षण कराकर जेई को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। सीएमओ निर्देशित किया कि पूर्व में चयनित स्थल पर ही बीपीएचयू का निर्माण कराया जाए। तीन महीने में मानक के अनुसार निर्माण कार्य पूरा कराएं।