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वट वृक्ष का पूजन कर सुहागिनों ने की परिक्रमा

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वटवृक्ष की पूजा के साथ वट सावित्री का पर्व आस्था और विश्वास के साथ बृहस्पतिवार को मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अखंड सौभाग्य के लिए बृहस्पतिवार की सुबह से ही विधि-विधान से वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की और पति के दीर्घायु होने की कामना की। जिला मुख्यालय पर दंडईत बाबा मंदिर परिसर से लेकर ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं ने पूजा पाठ किया।
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शक्तिनगर संवाददाता के अनुसार, शक्तिनगर क्षेत्र में स्थित शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर प्रांगण स्थित मनोकामना सिद्धि वट वृक्ष का पूजन बाद सुहागन महिलाओं ने वट सावित्री कथा का श्रवण किया। वहीं पति के दीर्घायु के लिए मंगल कामना की। वट सावित्री त्यौहार पर प्रात: से ही पूजन के लिए महिलाओं का मंदिर प्रांगण में आने का क्रम जारी रहा। कोविड-19 के प्रोटोकॉल के साथ तीर्थ पुरोहितों द्वारा वट सावित्री के कथा का श्रवण यजमानों को कराया गया। इसी प्रकार अनपरा, बीना, खड़िया व रेनूसागर में भी सुहागिन महिलाओं ने वटवृक्ष में धागा बांधकर पति के लंबी आयु की कामना की। दुद्धी: पति की लंबी आयु के लिए सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा जाने वाला वट सावित्री व्रत लेकर महिलाओं ने सुबह वट वृक्ष और मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं। अखंड सौभाग्य का व्रत रखकर क्षेत्र के वट वृक्ष के नीचे महिलाओं ने विधि-विधान से पूजन किया है और पति की लंबी उम्र के लिए आशीष मांगा। वहीं दूसरी ओर दुद्धी के डिग्री कालेज के बगल में, पीडब्लूडी परिसर में प्राचीन तालाब बट वृक्ष, धनौरा गांव के वृक्ष और मंदिरों में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ लगी रही। पूजा के बाद वृक्ष पर जल, फल व कपड़े चढ़ाए और पति की लंबी उम्र के लिए कलावा बांधा। वहीं धूप अगरबत्ती आदि के धुएं से मधुमक्खियों ने महिलाओं को निशाना बनाया। इससे वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। चोपन: नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को सुहागिन महिलाएं वट सावित्री की पूजा श्रद्धा पूर्वक की। बरगद के पेड़ में धागा बांधकर विधिवत पूजा अर्चना की। इस साल कोरोना महामारी को देखते हुए अधिकतर महिलाएं अपने घर में ही बरगद की टहनी रखकर पूजा की।
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