बभनी ब्लाक के घघरा गांव से धनखोर गांव के बीच बन रही सड़क में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। निर्माण के लिए स्थानीय पहाड़ियों, नदी-नालों की गिट्टियां गिराई जा रही हैं। इससे लोगों में असंतोष है। ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि घटिया निर्माण नहीं होने देंगे।
यूपी के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने जून 2015 में बभनी ब्लाक के घघरा से चकेलवा पंडित टोला होते हुए धनखोर तक सड़क निर्माण का शिलान्यास किया था। घघरा गांव में उनके लगे शिलापट्ट में साथ में विधायक रूबी प्रसाद का भी नाम है। इस निर्माण लिए पहले मिट्टी का काम हुआ। करीब छह माह बीतने के बाद अब निर्माण के लिए गिट्टियां और सोलंग गिराई जा रही हैं। वह भी काफी घटिया किस्म की हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय नदी, नालोें और पहाड़ियों से अवैध खनन कर सोलंग गिराया जा रहा है।
गांव के रामलाल, सुरेश, रमेश, विंध्याचल, हरदेव, रामनारायण आदि का कहना है कि जो सोलंग गिराए गए हैं, यदि उन्हें ही बिछाकर सड़क का निर्माण कराया गया तो सड़क चंद दिनों में ही फिर क्षतिग्रस्त हो जाएगी। कलावती, संगीता, इनरमनिया, बुधरजिया, प्रेमशंकर, रमाशंकर, मुखलाल, सहदेव, जगरनाथ, रामप्यारे और मोतीलाल ने चेताया है कि यदि घटिया निर्माण शुरू कराया गया तो वे इसका विरोध करेंगे और काम नहीं होने देंगे।
उधर लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दयाशंकर का कहना है कि वे खुद मौके पर जाकर गिट्टियों, सोलंग की जांच करेंगे। यदि घटिया किस्म के सामान मिले तो उन्हें सड़क पर बिछने नहीं दिया जाएगा और काम रोक दिया जाएगा।