गुलामी के प्रतीक राबर्ट्सगंज का नाम बदलकर सोनभद्र करने की मांग को लेकर युवा अधिवक्ताओं ने मंगलवार को सदर तहसील पर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसे लेकर जल्द ही हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया।
ज्ञापन सौंपने के बाद हुई सभा का नेतृत्व कर रहे युवा अधिवक्ता धीरज पांडेय ने कहा कि चार मार्च 1989 को मिर्जापुर से अलग होकर सोनभद्र जिले का निर्माण हुआ। भारतीय इतिहास में महज दो नद (नदी) ब्रह्मपुत्र और सोन में से एक सोन और यहां के भद्र जन को मिलाकर सोनभद्र जिला बना। लेकिन जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज का नाम नहीं बदला गया। जबकि जिले में सोनभद्र नाम की कोई जगह नहीं है। पूर्व में विभिन्न संगठनों की ओर से इसको लेकर मांग उठाई जा चुकी है लेकिन अब तक शासन स्तर पर यहां के लोगों की बात नहीं पहुंचाई गई। अब इस गुलामी के प्रतीक नाम की जगह जिला मुख्यालय का नाम सोनभद्र किया जाना आवश्यक है।
युवा अधिवक्ता श्रवण पांडेय और योगेश दूबे ने कहा कि जल्द ही जिला मुख्यालय का नाम राबर्ट्सगंज से बदलकर सोनभद्र किए जाने की मांग को लेकर व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में उमेश कुमार मिश्रा, अरूण कुमार शुक्ला, प्रदीप सिंह, शशि त्रिपाठी, गुड्डू चौबे, सत्यदेव पांडेय, अशोक कुमार यादव, शादाब आलम, वंशी पांडेय, पियूष मिश्रा, अनिल आदि रहे।