लखनऊ के वकील श्रवण वर्मा की हत्या का असर सोनभद्र में भी रहा। हत्या के विरोध में अधिवक्ताओं ने मौन जुलूस निकालकर लाठी चार्ज की निंदा की। राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर में मौन जुलूस निकालते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया। हड़ताल के चलते न्यायालय का कामकाज प्रभावित रहा और वादकारी भी परेशान दिखे।
सोनभद्र बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष त्रियुगी नारायण द्विवेदी ने कहा कि लखनऊ में वकीलों के पर हुए लाठी चार्ज और वाहनों में तोड़-फोड़ की घटना ने समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। इससे वकीलों में भय व्याप्त है। कहा कि जब अधिवक्ता की हत्या होने पर मौन विरोध भी वकील नहीं कर सकते हैं तो इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण बात और क्या हो सकती है।
महामंत्री रमेश प्रसाद चौबे ने कहा कि लखनऊ की घटना ने यह साबित कर दिया है कि समाज कहीं भी सुरक्षित नहीं है। उपाध्यक्ष सतीश कुमार पांडेय, हरिओम सेठ और दीपक जायसवाल ने कहा कि लखनऊ की घटना निंदनीय है। इससे अधिवक्ता समाज काफी मर्माहत है।
विरोध-प्रदर्शन करने वालों में संजय पांडेय, अजय द्विवेदी, प्रदीप पांडेय, सुशील शर्मा, दिनेश दत्त पाठक, अशोक कुमार कनौजिया, आरएस चौधरी, डीके मौर्या, अतुल पटेल, अनिल मिश्रा, संतोष कुमार, आलमगीर, जीएस राय, राजीव गौतम आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
दुद्धी प्रतिनिधि के मुताबिक लखनऊ में साथी अधिवक्ता की हत्या और दुद्धी के डॉक्टर की गलत रिपोर्ट दिए जाने के मामले में गुरुवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। वकीलों ने दो मिनट का मौन रखकर शोक संवेदना व्यक्त की। इस मौके पर जितेंद्र श्रीवास्तव, राजेंद्र श्रीवास्तव, कुलभूषण, प्रभू सिंह, मुरारी पांडेय, अजय मिश्रा आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।