सपा कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधन और दुकानदारों के गठजोड़ का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया किया। इस दौरान इन्होंने आरोप लगाया कि चुनिंदा दुकानों पर ही ड्रेस और किताब बेंची जा रही जिससे अभिभावक को ठगा जा रहा है। सरकार से इस पर रोक लगाने की मांग की।
निजी स्कूलों में ड्रेस, कॉपी-किताब और महंगी फीस को लेकर मनमानी पर असंतोष जताते हुए सपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को स्वर्ण जयंती चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा के जिला सचिव प्रमोद यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने शिक्षा को व्यापार का जरिया बना दिया है। आज प्राइवेट स्कूल चुनिंदा दुकानों से ड्रेस, मोजा, टाई, बेल्ट समेत सभी सामान खरीदने का दबाव बना रहे हैं, जिससे अभिभावकों का आर्थिक शोषण हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर में स्थित एक दुकान पर कई निजी विद्यालयों की ओर से ड्रेस और सामान उपलब्ध कराया जा रहा है, जहां ग्राहकों से मनचाहा दाम वसूला जा रहा है। स्कूल व दुकानदार मिलकर अभिभावकों को ठग रहे हैं। अभिभावक जब जीएसटी बिल मांगते हैं तो दुकानदार बिल देने से इनकार कर देते हैं।
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कहा कि एक तरफ सरकार गरीबी दूर करने के दावे करती है तो दूसरी ओर धरातल पर सच्चाई अलग है। बीएसए और डीआईओएस इस पर मौन साधे हुए हैं। सपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रामभरोसे पटेल ने कहा कि सरकार महंगाई पर काबू पाने में नाकाम है।
मनीष त्रिपाठी ने कहा कि सोनभद्र में कॉपी-किताब के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन भाजपा के जनप्रतिनिधि मूकदर्शक बने हुए हैं। प्रदर्शन में सुरेश अग्रहरि, बाबूलाल चंद्रवंशी, मुन्ना कुशवाहा, कैलाश भारती, मुन्ना भारती आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।