जिला संयुक्त चिकित्सालय में खनन हादसे में मृतक परिजनों से जानकारी लेते सपा सांसद छोटेलाल खरवार।
सोनभद्र। ओबरा की खदान में हादसे के बाद रविवार को सपा सांसद छोटेलाल खरवार, जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव सहित अन्य नेताओं को पुलिस ने घटनास्थल पर जाने से रोक दिया।
खदान क्षेत्र के बाहर बैरिकेडिंग पर रोके जाने पर पुलिस और सपाइयों में तीखी नोकझोंक हुई। सपा ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए सोनभद्र के खनन में माफियाराज का आरोप लगाया। साथ ही मृतक आश्रितों को 50 लाख मुआवजा और नौकरी की मांग की।
सपा जिला कार्यालय पर पत्रकारों से बात करते हुए सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि बिल्ली-मारकुंडी क्षेत्र में माफियाओं की ओर से खनन कार्य कराया जा रहा है। मानकों की अनदेखी के साथ दायरे से आगे बढ़कर खनन हो रहा है।
अक्सर क्षेत्र में हादसे होते रहते हैं लेकिन उसे दबा दिया जाता है। बड़ा हादसा हुआ तब लोगों को जानकारी हो पाई। सांसद ने 14 से 15 मजदूर अभी भी दबे होने का दावा करते हुए कहा कि पुलिस घटनास्थल पर जाने नहीं दे रही है।
उन्हें ही नहीं मीडिया के लोगों को भी रोका जा रहा है। व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं कोई सुनवाई नहीं है। लोकतंत्र का दमन किया जा रहा है। कहा कि खनन बंद रखने का आदेश था, चंद किमी की दूरी पर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था, बावजूद खनन कार्य कैसे चलता रहा इसकी जांच होनी चाहिए। जितने मजदूर मृत हुए हैं उनके परिवारीजनों को 50 लाख मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
सपा जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव ने कहा कि जिले में खनन माफिया हावी हो गए हैं। सिर्फ खनन ही नहीं अन्य क्षेत्रों में भी माफियाओं का हस्तक्षेप बढ़ रहा है।
पूर्वांचल के माफिया सोनभद्र को लूट रहे हैं। कहा कि सीएम के पास खनन मंत्रालय होने के बाद भी बढ़ती माफिया घुसपैठ चिंता का विषय है। सपा इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।